नोकेन के कारण शुक्रवार को भी बंद रही चीनी मिल, महापंचायत आज
किसानों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। गन्ना समिति में महापंचायत शनिवार को होनी है और इसमें काफी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना हैं। इधर चीनी मिल 12 दिसंबर से नोकेन होकर बंद है।
गौरतलब है कि स्थानीय किसानों ने पलिया चीनी मिल से एकमुश्त डिफर, नवीन सत्र भुगतान समेत कई मांगें की थीं। जिसमें चीनी मिल की ओर से कहा गया था कि वह 25 दिसंबर तक डिफर का भुगतान कर दिया जाएगा और फिर उसके बाद नवीन सत्र का भुगतान शुरू होगा, लेकिन किसान जल्द डिफर के संपूर्ण भुगतान, नवीन सत्र के भुगतान की अच्छी किश्त, घटतोली के वजन को पर्चियों में जोड़ने आदि मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने गन्ना लाना बंद कर दिया। नतीजतन 12 दिसंबर को नोकेन होकर मिल बंद हो गई। किसान नेताओं ने 16 दिसंबर तक क्रमिक अनशन का एलान कर दिया जो शुक्रवार को भी जारी रहा। 17 दिसंबर को किसानों की महापंचायत समिति में होगी, जिसमें अगली रणनीति पर विचार होगा। शुक्रवार को केन सोसायटी चेयरमैन विकास कपूर, मनप्रीत सिंह, हरेंद्र सिंह सोनी, तरसेम सिंह, गुरुदेव सिंह, सिराजुददीन, रामनरेश, रामपाल, बहादुर सिंह, कर्मजीत सिंह प्रधान, इंद्रजीत सिंह समेत काफी संख्या में किसान क्रमिक अनशनस्थल पर मौजूद रहे।
दूसरे गुट ने मिल गेट पर जलाया गन्ना
चीनी मिल गेट के सामने भाकियू के बैनर तले धरना चल रहा है। इसमें शुक्रवार को मिल गेट पर गन्ना जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। ये लोग भी भुगतान की मांग कर रहे हैं।
चीनी मिल ने किया डिफर का और भुगतान
चीनी मिल पर अब पिछले सत्र के डिफर का करीब 13.22 करोड़ रुपया ही बकाया रह गया है। चीनी मिल ने अब तक करीब दस फरवरी तक का भुगतान भेज दिया है। समिति के विशेष सचिव वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि दो करोड़ रुपया और भेजा गया है जो जल्द ही किसानों के खाते में पोस्ट हो जाएगा। इसके बाद मिल पर डिफर का करीब 13.22 करोड़ रुपया शेष रह जाएगा।