सांसद अजय मिश्र टेनी के विवादित बयान का जवाब देने के लिए किसान शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताने पहुंचे थे। सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद जब किसान घर की ओर जा रहे थे तभी अचानक सांसद पुत्र मोनू मिश्रा सात आठ गाड़ियों के साथ वहां पहुंचे और तेज रफ्तार से किसानों को रौंदते हुए निकल गए। कारों में सवार लोग असलहों से लैस थे, जो फायरिंग भी कर रहे थे। जिन लोगों की मौत हुई है उन्हें गोली भी लगी है और 20 से 25 लोग जख्मी हैं। घटना में तराई किसान संगठन के नेता तजिंदर सिंह विर्क भी गंभीर घायल हुए हैं। रात में ही राकेश टिकैत भी आने वाले हैं। किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। - अमन दीप सिंह संधू, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट
निर्दोष किसानों के साथ हुई घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। संगठन इस मामले में किसानों के साथ है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे ने किसानों के साथ जो घटना की है। ऐसी दशा में केंद्र सरकार को अजय मिश्र टेनी का इस्तीफा लेना चाहिए। हमारा संगठन किसानों के साथ है। किसानों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देश में हालत यह हो गई है कि अब किसान अपने हक की आवाज भी नहीं उठा सकता। यदि आवाज बुलंद करता है तो उसका दमन किया जा रहा है। - महादेव प्रसाद वर्मा, जिलाध्यक्ष, भाकियू अंबावता गुट