शारदा नदी ने धारण किया विकराल रूप, सुहेली भी उफनाई
सुहेली का पानी कई मार्गों पर भरा, गांवों को भी चपेट में लिया
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से शारदा व सुहेली नदियां उफना गई हैं। शारदा नदी की बाढ़ में डूबकर सूरजपुर के सप्पूटांडा में जहां एक फार्मर की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ सुहेली नदी ने कई संपर्क मार्गों को अपने आगोश में ले लिया है। कई गांवों में सुहेली नदी की बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीण पलायन करने लगे हैं।
भीरा के ग्रामसभा सूरजपुर के सप्पूटांडा गांव निवासी लक्ष्मण का 40 वर्षीय पुत्र कृपाल सिंह अपने खेत की तरफ से घर की ओर जा रहा था। इस दौरान पुलिया से आगे शारदा का पानी बह रहा था। नदी के पानी का प्रवाह इतना तेज था कि पुलिया के आगे उसने गहरा गड्ढा बना दिया था। गहरे गड्ढे में फंस जाने से कृपाल बह गया तथा उसकी मौत हो गई। काफी खोजबीन के बाद उसके शव को निकाला जा सका। सूचना पर भीरा एसओ संदीप कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शारदा नदी ने इमलिया फार्म, नानक फार्म, मटैहिया, दौलतापुर आदि गांवों में दस्तक देते हुए संपर्क मार्गों को काट दिया है। सुहेली नदी भी उफना गई है। सुहेली नदी का पानी चंबरबोझ जाने वाले रपटा पुल पर चलने लगा है। जिससे लोग तीन से चार फिट तक पानी से निकलकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। निषादनगर, घोला, मुर्गहा, चंबरबोझ, फुलवरिया आदि गांवों का संपर्क मार्ग भी सुहेली नदी ने काट दिया है। इन गांवों में पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। निचले गांवों के अन्य ग्रामीण अभी से ही पलायन करने लगे हैं।
अपने पैसों से ग्रामीण चला रहे हैं नाव
चंबरबोझ का रपटा पुल पूरी तरह से बैठ गया है। इस पर नाव चलने लगी हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था न होते देख ग्रामीणों ने अपने पैसों से इस पर नाव चलानी शुरू की है। ग्रामीण अपने पैसों से इस रास्ते पर दो नाव चलवा रहे हैं।