केंद्र प्रभारी एमआई समेत दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
खाद्य और रसद विभाग के सुंदरवल क्रय केंद्र का मामला
योगी सरकार में भी अनाज माफियाओं ने सरकारी गेहूं खरीद में सेंधमारी कर डाली। जिसकी भनक अफसरों को बहुत देर से लगी।
फूलबेहड़ क्षेत्र के सुंदरवल स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र से 2206 क्विंटल गेहूं की खेप को एफसीआई गोदाम पहुंचाने से पहले ही रास्ते में ही बेच दिया गया। जिसकी कीमत 40 लाख 64 हजार रुपये है। लखनऊ के अधिकारियों ने मामले को पकड़ा, जिसके बाद जिले के अधिकारी हरकत में आए। इस मामले में डिप्टी एमआरओ कौशल देव ने केंद्र प्रभारी एवं मार्केटिंग इंस्पेक्टर पंकज त्रिपाठी और हैंडलिंग ठेकेदार टीएन मिश्रा के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। डिप्टी आरएमओ कौशल देव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि क्रय केंद्र से गेहूं को एफसीआई के गोदाम तक पहुंचाने के लिए परिवहन इन हैंडलिंग ठेकेदार टीएन मिश्रा को नियुक्त किया गया था। ठेकेदार और केंद्र प्रभारी ने मिलकर इस केंद्र पर किसानों से ख़रीदे गए 2206 क्विंटल गेहूं को बाजार में बेच दिया। उधर फूलबेहड़ थाने के इंस्पेक्टर केएन पांडेय ने बताया कि इस मामले की जांच सुंदरवल चौकी इंचार्ज को सौंपी गई है।
राजापुर मंडी में भी पकड़ा जा चूका घोटाला
सरकारी गेहूं खरीद में घोटाले का यह पहला मामला नहीं है। आठ जून को राजापुर मंडी में बड़े पैमाने पर आढ़तियों के यहां सरकारी क्रय केंद्रों के 1112 बोरों में गेहूं पकड़ा गया था। इसके अलावा करीब पांच साल पहले कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र से लाखों कीमत के गेहूं को बाजार में बेच दिया गया था। इस मामले में पसगवां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन नतीजा अभी तक नहीं निकला।
प्रारंभिक जांच में केंद्र प्रभारी और ठेकेदार दोषी पाए गए, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा और केंद्र प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कौशलदेव, डिप्टी आरएमओ