किसान नेताओं ने कहा कि चार जनवरी को जिला गन्ना अधिकारी को ज्ञापन देकर गन्ना भुगतान की मांग की थी लेकिन जिले के किसानों का रुपया बिलाई चीनी मिल भेजे जाने के कारण अब तक तीन दिन का भी भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान न होने पर आंदोलन किया जाएगा।
लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा और जिलाध्यक्ष मनोज कुमार फौजी ने गोला गोकर्णनाथ खंभार खेड़ा और पलियाकलां चीनी मिलों के गन्ना किसानों के 30 करोड़ रुपये बिलाई चीनी मिल के किसानों का भुगतान करने के लिए भेजने का आरोप लगाया है।
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उन्होंने कहा कि बजाज ग्रुप की बिलाई चीनी मिल को गन्ना किसानों ने गन्ना देना बंद कर दिया था। इस कारण बिलाई चीनी मिल बंद हो गई थी। बजाज मिल के अधिकारियों ने खीरी जिले की अपनी चीनी मिलों से 30 करोड़ रुपये जुटाकर बिलाई चीनी मिल के किसानों का भुगतान कर दिया। 20 दिन में 50 करोड़ और दिए जाने का आश्वासन दिया तो किसानों ने बिलाई चीनी मिल की पेराई शुरू करवा दी।
अब 50 करोड़ रूपये इस जिले की ही गोला गोकर्णनाथ खंभार और पलियाकलां चीनी मिल से ही बिलाई भेजे जाने की योजना बनाई गई है। जिले की चीनी मिलों की चीनी, शीरा, बैगास और एथेनॉल की बिक्री का पैसा नियमानुसार गन्ना बिक्री के 14 दिन में सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से संबंधित चीनी मिलों के गन्ना किसानों को भेजे जाने का प्रावधान है, लेकिन जिन अधिकारियों को किसानों का गन्ना भुगतान कराने की जिम्मेदारी है, वह बजाज मिलों के अधिकारियों से मिलीभगत कर अनीतिक लाभ उठा रहे हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि उन्होंने चार जनवरी को जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह को ज्ञापन देकर गन्ना भुगतान की मांग की थी लेकिन जिले के किसानों का रुपया बिलाई चीनी मिल भेजे जाने के कारण अब तक तीन दिन का भी भुगतान नहीं हो सका है। इस कारण अब गोला खंभार खेड़ा और पलियाकलां चीनी मिलों में किसी दिन भी आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।