छेदीपुर में नाइट पेट्रोलिंग करते वनकर्मी
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मैलानी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन मैलानी रेंज के जंगल के पास स्थित छेदीपुर गांव में खेत में खाद डालने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों पर हमला कर घायल करने वाली बाघिन का पेट्रोलिंग और ट्रैकिंग में अब कोई मूवमेंट नहीं मिला रहा है और न ही बाघिन जंगल में लगाए गए कैमरों में ट्रैप हुई है।
बाघिन को ट्रेस करने के लिए जंगल में कुल छह जगहों पर डब्ल्यूटीआई और वनकर्मियों ने कैमरे लगाए हैं और वनकर्मी लगातार दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। ट्रेनी आईएफएस मैलानी रेंजर राजेश कुमार के मुताबिक बाघिन संभवत: शिकार का पीछा करते हुए खेतों तक आने के बाद पुन: जंगल लौट गई। शुक्रवार को बाघिन कैमरे में ट्रैप हुई थी, लेकिन उसके बाद कोई गतिविधि नहीं मिली है और न ही कैमरों में कैद हुई है। ट्रेनी आईएफएस ने बताया कि बाघिन की तलाश में नियमित शिफ्टवाइज वनकर्मी लगे हुए हैं। बाघिन की निगरानी को पेट्रोलिंग और प्रशिक्षित हथिनी पवनकली संग भी वनकर्मी कांबिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाघ की निगरानी को छेदीपुर आई स्पेशल टाइगर प्रोटक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) वापस चली गई है।
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फील्ड पेट्रोलिंग और हथिनी के साथ कांबिंग नियमित हो रही है। डब्ल्यूटीआई की टीम के साथ कैमरा ट्रैप की डाटा स्टडी की गई है, जिसमें बाघिन का कोई मूवमेंट नहीं मिला है। कोशिश यही है कि बाघिन जंगल में ही रहे और खेतों या गांव की तरफ उसका मूवमेंट न हो।
-राजेश कुमार, ट्रेनी आईएफएस, मैलानी रेंजर