वाईडी कॉलेज समेत जिले के कई कॉलेजों में परीक्षा छूटने पर छात्रों ने किया हंगामा
कॉलेज प्रशासन ने कहा, छूटे विद्यार्थियों के संबंध में कानपुर विश्वविद्यालय को दे दी गई है जानकारी
लखीमपुर खीरी। रविवार को वाईडी कॉलेज में पर्यावरण विषय का पेपर होना था। पूर्व निर्धारित समयानुसार छात्र-छात्राएं दोपहर एक बजे कॉलेज पहुंच गए। मगर, परीक्षा सुबह की पाली में हो चुकी थी। यह जानकारी लगने पर करीब 150 छात्रों ने हंगामा करना शुरू दिया। कुछ छात्र-छात्राएं परीक्षा कराने की मांग को लेकर नसिरूद्दीन मौजी मैदान भी पहुंच गए। जहां तहसीलदार ने कॉलेज प्रशासन से बात करने का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा देने से वंचित छात्रों की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी गई है।
कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से जारी परीक्षा की समयसारिणी के अनुसार रविवार को दोपहर दो बजे से साढ़े तीन बजे तक पर्यावरण विषय का पेपर होना था। इसके लिए करीब 150 छात्र एक बजे युवराजदत्त महाविद्यालय पहुंच गए। इस पर कॉलेज प्रशासन ने पेपर सुबह आठ बजे ही हो जाने की जानकारी दी। यह सुनते ही छात्रों ने कॉलेज परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। छात्र-छात्राओं की नाराजगी को देखते हुए कॉलेज प्रशासन भी मौके से नदारद हो गया।
नाराज छात्रों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन ने समय में बदलाव की न तो उन्हें कोई जानकारी दी और न ही सूचना ही नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराई। छात्र अखिलेश प्रताप सिंह, विनय कुमार, अभिषेक सिंह आदि ने बताया कि शनिवार को जब पेपर देने आए थे तभी पर्यावरण विषय के पेपर का समय बदले जाने की जानकारी दी जानी चाहिए थी। नोटिस बोर्ड पर भी कोई सूचना चस्पा नहीं थी।
रविवार को जब पेपर देने आए तो कॉलेज के अंदर लगे नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा मिली। उधर, कॉलेज प्रशासन का कहना था कि कानपुर विश्वविद्यालय ने समय बदला था। इस संबंध में नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कराकर शनिवार को भी एनाउंस कराया गया था। यदि जानकारी न दी गई होती तो सुबह की पाली में सैकड़ों छात्र परीक्षा कैसे देने आ पाते।
उधर, छात्र-छात्राएं परीक्षा कराने की मांग को लेकर नसिरूद्दीन मौजी मैदान पहुंचे। बताते हैं कि तहसीलदार ने छात्रों के प्रवेश पत्र की छाया प्रति जमा कराकर परीक्षा कराने के लिए कॉलेज प्रशासन से वार्ता करने का आश्वासन दिया है।
कानपुर विश्वविद्यालय की ओर से पर्यावरण विषय की परीक्षा के समय में परिवर्तन किया गया था। इसके लिए सूचना भी नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराई गई थी। अब जिन छात्रों की परीक्षा छूट गई है उनके लिए यूनिवर्सिटी के वीसी से वार्ता हुई है। उन्होंने मौखिक रूप में परीक्षा दोबारा कराने की बात कही है। मगर, लिखित रूप में कोई पत्र नहीं भेजा है। - डॉ. डीएन मालपानी, प्राचार्य युवराजदत्त महाविद्यालय
मोहम्मदी महाविद्यालय में भी 50 छात्रों की परीक्षा छूटी
मोहम्मदी। पर्यावरण का पेपर छूट जाने से गुस्साए 50 छात्रों ने मोहम्मदी महाविद्यालय गेट पर हंगामा किया।
महाविद्यालय प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी सचिन मेहरोत्रा ने बताया कि हमारे यहां रामभजन कॉलेज, कृष्णा महाविद्यालय, महाबली कॉलेज मितौली के सेंटर लगे हैं। उन कॉलेजों के प्रबंधन ने अपने छात्रों को सूचना नहीं दी, जिन छात्रों के पेपर छूट गए उन छात्रों ने महाविद्यालय गेट पर हंगामा किया।
कृष्णा महाविद्यालय के प्रबंधक केके दीक्षित ने बताया कि हमारे तीन सौ बच्चों का सेंटर मोहम्मदी महाविद्यालय में था। 25 जुलाई को कानपुर यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों के पेपर की तारीख और समय अचानक बदल दिया। उनके ग्रुप में जो छात्र जुड़े थे उन्हें सूचना हो गई और उनका पेपर हो गया। करीब 50 छात्र-छात्राओं के पेपर छूट गए।
दीक्षित का यह भी कहना है कि 26, 28, 29, 31 जुलाई को परीक्षा होती रही। महाविद्यालय मोहम्मदी को लगातार बच्चों को सूचना देने की बात कहते रहे लेकिन सूचना नहीं दी गई। छात्र, शिवाकांत त्रिपाठी, नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई और पेपर करा दिया गया। संवाद
श्री गुरु गोविंद सिंह राजकीय महाविद्यालय में सौ विद्यार्थी नहीं दे सके परीक्षा
पलियाकलां। श्री गुरु गोविंद सिंह राजकीय महाविद्यालय में बीए-बीकॉम द्वितीय और तृतीय वर्ष की पर्यावरण विषय की परीक्षा रविवार को संपन्न हुई। दो पालियों में हुई परीक्षा में 1240 छात्र-छात्राओं नेे परीक्षा दी, जबकि सौ की परीक्षा छूट गई।
दुलारेपुर डिग्री कॉलेज में परीक्षार्थियों ने प्रिसिंपल को घेरा
बांकेगंज। दुलारेपुर स्थित एसबीएम डिग्री कॉलेज में भी परीक्षार्थियों ने हंगामा किया।
परीक्षार्थी अंजू देेवी, बूटा सिंह, ममता, सूरज कुमार, कल्पना, सरोज कुमार, नेहा का कहता था कि विश्वविद्यालय से जारी स्कीम के मुताबिक परीक्षा रविवार को तीसरी पाली में दोपहर दो बजे से होनी थी। कॉलेज आने पर उन्हें पता चला कि परीक्षा पहली और दूसरी पाली में हो चुकी है। इससे वह परीक्षा देने से वंचित रह गए।
कॉलेज के प्रिसिंपल राजेश कुमार का कहना है कि रविवार को बीए, बीएसी की पर्यावरण विषय की परीक्षा का समय बदले जाने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन की बेवसाइट पर 24 जुलाई को ही आ गई थी। इसकी सूचना कॉलेज में चस्पा भी कर दी गई थी, लेकिन छात्र-छात्राओं ने ध्यान नहीं दिया। संवाद