बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज में अवैध रूप से पेड़ों का कटान कर रहे लकड़कट्टों के साथ वन कर्मियों की मुठभेड़ हो गई। दोनों और से कुछ देर हुई फायरिंग के बाद लकड़कट्टे वन कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज वन कर्मियों को पड़रिया बीट जंगल के अंदर अवैध रूप से लकड़ी का कटान होने की सूचना मिली थी। इस पर पिछले तीन दिनों से वन कर्मी लकड़कट्टों की रेकी कर रहे थे। इसके बावजूद लकड़कट्टों ने शनिवार रात पांच सागौन के पेड़ काट डाले। रविवार भोर चार बजे करीब रेंजर भीरा राकेश बाबू वर्मा के नेतृत्व में गठित वन कर्मियों की टीम में शामिल फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, विजय सिंह,मोहित कुमार, सोनू अन्य कर्मियों के साथ रात्रि गश्त करते हुए पड़रिया बीट जंगल पहुंचे तो वहां कुछ लोगों को अवैध रूप से काटी गई सागौन लकड़ी पिकअप पर लादते देखा।
लकड़कट्टे लकड़ी ले जाने की फिराक में थे तभी वन कर्मी मौके पर पहुंच गए। इस बीच वन कर्मियों को देखकर लकड़कट्टों ने फायरिंग शुरू कर दी, बचाव में वन कर्मियों ने भी हवाई फायरिंग की। इस पर लकड़कट्टे हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। वन विभाग की टीम ने मौके से पिकअप में भरी 21 बोटा सागौन लकड़ी, दो आरा, एक मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किए गए।
वन विभाग ने इस मामले में तीन नामजद पीलीभीत जिले के थाना पूरनपुर के गांव मदिआऊ निवासी नजीर खान, थाना पीलीभीत के अनुज सक्सेना, थाना पूरनपुर क्षेत्र के शेरपुर निवासी आमिर के अलावा कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
भीरा रेंज में पहले भी हो चुकी है मुठभेड़
रविवार रात भीरा रेंज की पड़रिया बीट जंगल में हुई घटना कोई नई नहीं है। करीब तीन साल पहले 26 मई को रात एक बजे करीब मुठभेड़ हो चुकी है। पड़रिया बीट के पल्हनापुर कंपार्टमेंट में ही साखू पेड़ कटान की सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम पर लकड़कट्टों ने फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में वन कर्मी बाल-बाल बच गए थे। जबकि इसी बीट में 12 अगस्त 2019 को पल्हनापुर कंपार्टमेंट में ही मुठभेड़ हुई थी।
इसमें लकड़कट्टों की फायरिंग से विकास नामक वॉचर घायल हुआ था। 18 फरवरी 2021 को मैलानी रेंज की सलेमपुर बीट में शातिर लकड़कट्टों ने वॉचर शिवचरन पर कुल्हाड़ियों से हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। वर्ष 2020 में दुधवा नेशनल पार्क की सठियाना रेंज में भारत नेपाल सीमा से सटे अंबरगढ़ जंगल में नेपाली वनमाफिया और वन कर्मियों के बीच फायरिंग हुई थी। इसमें वन कर्मी बाल-बाल बच गए। तीन साल पहले मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के वन रक्षक सुखपाल सिंह की लकड़कट्टों ने उस समय हत्या कर दी थी,जब रात में वह जंगल गश्त पर थे।
भीरा रेंज अंतर्गत पड़रिया बीट में लकड़कट्टों के साथ वन कर्मियों की मुठभेड़ हुई है। साथ ही एक पिकअप में भरी सागौन की लकड़ी, दो आरा और एक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। लकड़ी को पिकअप समेत जब्त कर लिया गया है। तीन नामजद और अन्य अज्ञात लकड़कट्टों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदाम दर्ज किया गया है। -सुंदरेशा, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व,बफरजोन।