गिट्टी उतारते समय हाइड्रोलिक से डाला उठाने पर हुआ हादसा
मृतक चालक भीरा क्षेत्र के पड़रिया तुला का निवासी
ओयल कस्बे में हनुमान मंदिर के सामने एक सीमेंट स्टोर पर गिट्टी उतारने के दौरान 11 केवीए हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से डंपर चालक की मौत हो गई। हाइड्रोलिक से डाला उठाने के दौरान ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन से डंपर छूने से हादसा हुआ। हाईवे पर हुई इस घटना से अफरातफरी मच गई। मृतक चालक की पहचान भीरा थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया तुला निवासी 25 वर्षीय मनोज गुप्ता के तौर पर हुई है, जो वहीं के निवासी द्वारिका प्रसाद का डंपर चलाता था।
मंगलवार की सुबह वह डंपर में गिट्टी लादकर ओयल में अनीस सीमेंट स्टोर के यहां उतारने आया था। करीब 10 बजे डंपर को बैक कर उसने गिट्टी उतारने के लिए हाइड्रोलिक से डाला उठाया, तो ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। पलक झपकते ही करंट की चपेट में आकर झुलसे मनोज ने दम तोड़ दिया। अचानक हुए हादसे से हतप्रभ क्लीनर ने डंपर मालिक को पूरा वाकया बताया, जिसके बाद मृतक के परिवार वालों को जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसे के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है कि हाईटेंशन लाइन तय मानक से नीचे होने से हादसा हुआ या फिर हाइड्रोलिक से डाला उठाने पर डंपर तार से टच कर गया। उधर, अधिशासी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि ओयल उपकेंद्र से निकली 11 केवीए लाइन की चपेट में डंपर के आने से हादसा हुआ है, जो जमीन से 19 फुट की ऊंचाई पर है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय शाहजहांपुर को सूचना दी गई है, जो मामले की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट अनुकूल होने पर मृतक के परिवार को दो लाख की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
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मनोज डंपर चलाकर पाल रहा था परिवार का पेट
बिजुआ। ओयल में हादसे का शिकार हुआ डंपर चालक मनोज गुप्ता पड़रिया तुला का रहने वाला था। कई साल से गांव के ही द्वारिका गुप्ता का डंपर चला रहा था। आठ दिन पहले वह यहां से डंपर लेकर गया था। मंगलवार को उसे घर लौटना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
तीन भाइयों में मनोज सबसे बड़ा था। पिता मोती लाल की कई साल पहले मौत हो चुकी है, जिससे परिवार में मां और उसकी पत्नी के अलावा दो भाइयों की परवरिश की जिम्मेदारी मनोज पर थी। मनोज के परिवार के पास बिस्वा भर जमीन भी नहीं है। मनोज की मौत की खबर सुनकर मां और पत्नी बेहाल हैं। घर पर परिचितों को तांता लगा है। सुबह हादसे के बाद सबसे पहले खबर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मिली, बाद में डंपर के क्लीनर मनीष ने अपने मालिक को फोन कर जानकारी दी।
इस बार मनोज जब घर से चला तो पत्नी ने उसे कई बार रोका। उसने दूसरे ड्राइवर को भेजने के लिए दबाव भी बनाया था, लेकिन मनोज ने जल्द आने का वादा किया और घर से चला गया। हादसे की सुबह मनोज ने अपनी पत्नी ज्योति से बात की और कहा कि कुछ देर में गिट्टी उतार कर आ रहा हूं।
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...फिर टूटा दुखों का पहाड़
गुलरिया। चालक मनोज गुप्ता की अचानक मौत से परिवार की स्थिति गड़बड़ा गई है। मनोज के पिता मोतीलाल मूल रूप से ग्राम महुआ पिमई जिला शाहजहांपुर के रहने वाले थे और एक सफल व्यापारी थे। अचानक बीमारी की वजह से उनका धंधा चौपट हो गया और यहां तक कि घर मकान तक बिक गया था। इसी बीच मोतीलाल ने अपनी पुत्री की शादी पड़रियातुला निवासी होरीलाल से कर दी और घर बिक जाने के कारण वह परिवार समेत पड़रिया तुला आकर किराए के मकान में रहने लगे। वह छोटा रोजगार कर जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन अचानक उनकी मृत्यु हो गई, तब बड़े पुत्र मनोज की उम्र मुश्किल से 14 साल थी। पिता की मृत्यु हो जाने से पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया था। मनोज की मृत्यु से परिवार पर फिर से दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा।