दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल से निकले एक बाघ ने शुक्रवार रात खैरटिया गांव स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी को उस समय निवाला बना लिया जब वह मंदिर परिसर में ही लगे हैंडपंप पर पानी पीने गए थे। बाघ के हमले में पुजारी की मौत की सूचना से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और रोड जाम कर प्रदर्शन करते हुए बाघ को पकड़ने की मांग की।
शुक्रवार रात दुधवा टाइगर के जंगल से निकले एक बाघ ने खैरटिया गांव स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी महंत मोहन दास को अपना निवाला बना लिया। महंत मोहन दास रात में पानी पीने के लिए मंदिर परिसर में ही लगे हैंडपंप पर पानी पीने गए थे। उसी समय बाघ ने हमला कर उन्हें मार डाला।
बाघ महंत को कुछ दूर खेत में खींच ले गया और वहां अधखाई अवस्था में शव को छोड़ कर जंगल में वापस चला गया। महंत की मौत की सूचना पाकर मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए। लोगों में वन विभाग के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। मौके पर मौजूद लोगों ने तिकुनिया खैरटिया रोड को जाम कर वन विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान तिकुनिया रेंजर ने लोगों को काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग रेंजर की बात मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि यह बाघ अब तक लोगों की जान ले चुका है। वन विभाग कुछ भी नहीं कर रहा है। आदमखोर हो चुके बाघ को जल्दी से जल्दी पकड़वा कर बाघ के आतंक से निजात दिलाए।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक सुंदरेशा ने बताया कि बाघ के हमले में महंत की मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को देते हुए पूरी वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। वन विभाग की टीमों को बाघ की निगरानी में लगाया गया है, बाघ से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी है।