लखीमपुर खीरी। बेहजम मार्ग पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार हो गया है, जिसको अब उद्घाटन का इंतजार है। अब तक आरटीओ परिसर के छोटे से ट्रैक पर टेस्ट देने के बाद लाइसेंस जारी होता था, लेकिन अब ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा। इसके बाद ही लाइसेंस बनेगा।
ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर बाइक, ट्रक, बस, ट्रैक्टर, ऑटो आदि सड़क पर दौड़ने वाले सभी प्रकार के वाहन चालकों का टेस्ट लिया जाएगा। ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक एक ऐसा ट्रैक होता है, जहां आवेदकों का ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पहले उनके ड्राइविंग कौशल का मूल्यांकन किया जाता है। आधुनिक ट्रैक सीसी कैमरों, सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी तकनीकों का उपयोग करते हैं, ताकि मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके और परीक्षा को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। इन ट्रैकों पर उम्मीदवार की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है और स्वचालित रूप से स्कोर की गणना की जाती है, जिससे पास या फेल का परिणाम तुरंत पता चल जाता है।
विभागीय अफसरों ने बताया कि ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार है, जिसका अगले माह उद्घाटन कराने की तैयारी है। यह ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक निजी हाथों में है। टेस्ट के लिए सभी प्रकार के वाहनों की व्यवस्था भी है। टेस्ट देने के लिए वाहन लाने की जरूरत नहीं है।
ये हैं मुख्य विशेषताएं
-सीसी कैमरे और सेंसर का उपयोग करके ड्राइविंग टेस्ट की निगरानी की जाती है। यहां पर 52 से अधिक सीसी कैमरे लगे हैं। उम्मीदवार के पूरे टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की व्यवस्था है, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। सभी उपयोगकर्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। टेस्ट के बाद यहां पर तत्काल रिजल्ट मिलता है। टेस्ट को ट्रैक करने के लिए सर्वर, एलसीडी स्क्रीन और कंप्यूटर सिस्टम की व्यवस्था है।
बेहजम रोड पर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। अब लाइसेंस बनवाने से पहले ड्राइविंग कौशल का टेस्ट वहीं पर देना होगा। अगले माह के पहले या दूसरे सप्ताह इसका उद्घाटन कराने की तैयारी है।
-शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ