लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में शनिवार को एडीजे देवेंद्रनाथ सिंह की अदालत में डाॅ. सुजीत सिंह ने बयान दर्ज कराए गए। उनसे बचाव पक्ष की ओर से जिरह भी पूरी कर ली गई। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है।
वहीं, आरोपी शिशुपाल की मृत्यु रिपोर्ट पर संबंधित प्रधान व पुलिस रिपोर्ट देने वालों से औपचारिक पड़ताल के बाद शनिवार को अदालत ने उनके नाम को केस से पृथक कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से शनिवार को एडीजे देवेंद्र सिंह की अदालत में श्रावस्ती में तैनात डाॅ. सुजीत सिंह को गवाही के लिए पेश किया गया।
उन्होंने घटना में घायल गवाह शमशेर का चिकित्सीय परीक्षण किया था। अदालत में दिए गए अपने बयान में डॉक्टर ने घायल की चिकित्सकीय रिपोर्ट को साबित करते हुए बताया कि पुलिस की ओर से जांच के दौरान शमशेर को पेश किया गया था।
बचाव पक्ष की ओर से आरोपियों के अधिवक्ताओं ने भी शमशेर की चोटों का चिकित्सीय मुआयना करने वाले डाॅ. सुजीत सिंह से चोटों की प्रकृति और समय को लेकर कई सवाल पूछे। जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने रामपुर में तैनात डाॅक्टर केके रंजन से जिरह करने के लिए दो दिसंबर की तारीख मुकर्रर की है।
डिस्चार्ज हुए जमानतदार
मृतक शिशुपाल के जमानतदारों को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया है। आरोपी शिशुपाल की बीती 20 नवंबर को मृत्यु हो गई थी। तिकुनिया हिंसा कांड में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत 14 आरोपी थे। शिशुपाल की मृत्यु के बाद अब 13 आरोपी हैं।