लखीमपुर खीरी। गोला की पीयूष मेडिकल एजेंसी पर अक्तूबर में छापे के दौरान बड़ी मात्रा में बरामद हुई नशीली दवाओं के मामले में दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो गया। इसमें नशीली दवा के अवैध व्यापार की पुष्टि हुई है। इसके बाद जिला औषधि निरीक्षक ने फर्म स्वामी पर मुकदमा दर्ज कराया है।
जिला औषधि निरीक्षक बबीता रानी ने बताया कि अक्तूबर में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ के निर्देशानुसार गठित संयुक्त टीम ने गोला की फर्म पीयूष मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया था, जिसमें फर्म ने कोडीनयुक्त कफ सिरप एवं नॉरकोटिक्स दवाओं की आपूर्ति/विक्रय विभिन्न जिलों एवं प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में किया जाना पाया गया।
11 नवंबर को अयोध्या औषधि निरीक्षक आलोक कुमार द्विवेदी, अंबेडकर नगर औषधि निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने फर्म संचालक सरोज कुमार मिश्रा की मौजूदगी में निरीक्षण किया। अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद प्रकाश में आया कि फर्म स्वामी ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 में भारी मात्रा में नाॅरकोटिक्स औषधि, कफ सिरप का क्रय-विक्रय किया गया है। फर्म द्वारा प्रस्तुत किए गए क्रय-विक्रय संबंधी बिल, अभिलेख फर्जी साबित हुए।
जिला औषधि निरीक्षक ने फर्म स्वामी सरोज कुमार मिश्रा के खिलाफ नाॅरकोटिक्स औषधि, कोडीन युक्त औषधि की खरीद बिक्री नशे में उपयोग करने के लिए, कूट रचित ढंग से बिल तैयार करने, जानबूझकर तथ्य छिपाने, जन मानस के स्वास्थ्य, जीवन से खिलवाड़ करते हुए औषधियों के अवैध व्यापार के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।