लखीमपुर खीरी। दो साल उम्र वाले बच्चों को कफ सीरप पर मनाही लगाने के बाद स्वास्थ्य महकमा लगातार चिकित्सकों को जागरुक कर रहा है। महिला अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बनी ओपीडी में चिकित्सक अभिभावकों को बच्चों का उपचार करने के बारे में बता रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सकों की भी मॉनीटरिंग की जा रही है। पड़ताल के दौरान फिलहाल सीरप लिखी जाती नहीं मिली।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. आरपी वर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर पड़ रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 80-100 बच्चे आ रहे हैं। इनमें अधिकतर खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। उनकी जांच कर इलाज किया जा रहा है। गंभीर स्थित लगने पर बच्चों को भर्ती भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि घर में बच्चा बीमार और उसे खांसी आ रही है तो उसे कफ सीरप न पिलाएं। दो साल तक के बच्चे को तो किसी भी सूरत में खांसी का सिरप नहीं पिलाना चाहिए। कफ सिरप के अधिक सेवन से बच्चे की किडनी पर असर होता है। इसके अलावा पेट और पेशाब संबंधी अन्य बीमारियों के होने की भी आशंका बनी रहती है। इसलिए अगर बच्चे को खांसी आ रही है तो बाल रोग विशेषज्ञ से ही सलाह लेकर दवा दें।