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गोला मंडी समिति के धान क्रय केंद्रों का डीएम ने किया निरीक्षण

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गोला मंडी में धान खरीद की जानकारी लेने पहुंचे डीएम।
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खरीदे गए धान का उठान न होने पर डीएम ने जताई नाराजगी, किसानों से बातकर लिया फीडबैक
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गोला गोकर्णनाथ। बुधवार की दोपहर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने गोला कृषि उत्पादन मंडी समिति के धान क्रय केंद्रों और तहसील का निरीक्षण किया। केंद्रों पर खरीदे गए धान का स्टॉक देखकर डीएम ने नाराजगी जताई और तहसील के अधिकारियों को जन समस्याओं का तत्परता से निस्तारण कराने का निर्देश दिया। यहां विभिन्न एजेंसियों के 18 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने एफसीआई, पीसीएफ, सीएमएस सहित धान केंद्रों पर खरीदे गए धान का स्टॉक देखकर नाराजगी जताते हुए शीघ्र उठान कराने का निर्देश दिया। केंद्र प्रभारी पवन कुमार सिंह, पवन कुमार मिश्रा, सत्य प्रकाश अवस्थी, निलेश कुमार, अमित कुमार, आरएमओ सुभाष चंद्र और धान बेचने आए किसान तिखड़ा निवासी राजकुमार, धिरावां निवासी आसिफ, छेदीपुर निवासी फेरुलाल से धान खरीद संबंधी जानकारी हासिल की। मौके पर मौजूद मंडी सचिव ने डीएम को बताया कि नीलामी में अधिकतम बोली 1530 एवं न्यूनतम बोली 1400 लगाई गई। तहसील निरीक्षण के दौरान डीएम ने एसडीएम अविनाश चंद्र मौर्य से तहसील की वर्किंग एवं जनसुनवाई की जानकारी ली।
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एसडीएम न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, एसडीएम कक्ष सहित विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। दोनों न्यायालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पेशकार से पेंडिंग फाइलों की संख्या जानी एवं इनके समयबद्ध निस्तारण के लिए जरूरी निर्देश दिए। लंबित वादों के रिव्यु के लिए एसडीएम को निर्देश दिए। प्रतिदिन जनसुनवाई करके शासन की मंशानुरूप जन समस्याओं का तत्परता से निस्तारण कराने के निर्देश दिए और कहा शिकायतों का निस्तारण गुणवक्ता के साथ किया जाए।
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धान बेचने में असुविधा है तो दर्ज कराएं शिकायत
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि शासन की मंशानुरूप किसानों का मानकयुक्त धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित कराने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। यदि किसी किसान को धान बेचने में असुविधा हो तो वह उनके सीयूजी नंबर 9454417558 व 05872-252822, 252838 पर अपनी समस्या बताकर निदान करा सकता है। वहीं प्रत्येक केंद्र पर दो लेखपाल, एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भी लगाए गए हैं। उनका पूरा प्रयास है कि किसी भी किसान को धान बेचने में असुविधा न हो।
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