मिल ने 387 करोड़ के बदले केवल 120 करोड़ का किया है अब तक भुगतान
समय पर हो किसानों का बकाया भुगतान, शासन की मंशा से कोई समझौता नहीं : डीएम
बजाज ग्रुप की गोला चीनी मिल पर भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए गोला थाने में दी गई तहरीर
लखीमपुर खीरी। पिछले एक साल से किसानों का बकाया गन्ना भुगतान न करने पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बजाज ग्रुप की पलिया चीनी मिल पर एफआईआर दर्ज करवाई है।
डीएम के निर्देश पर पलिया गन्ना समिति के सचिव की तरफ से मिल के अध्यासी प्रदीप सालार, वित्त प्रबंधक मनोज कुमार मिश्रा व गन्ना महाप्रबंधक सुनील कुमार धींगरा के खिलाफ पलिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने किसानों का बकाया भुगतान करने को शासन की शीर्ष प्राथमिकता बताया है। उधर, भुगतान न करने पर बजाज ग्रुप की गोला चीनी मिल पर भी एफआईआर दर्ज करने के लिए गोला थाने में तहरीर दी गई है।
बजाज की पलिया, खंभारखेड़ा और गोला चीनी मिल पर 728 करोड़ रुपया बकाया है। उधर, भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि बजाज ग्रुप के मालिक पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिये।
बजाज ग्रुप की पलिया चीनी मिल ने पिछले एक साल से किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया है, जिससे किसानों में रोष है और वो लगातार आंदोलन कर रहे हैं। 29 नवंबर से मिल चलनी थी, लेकिन किसानों ने मिल शुरू होने से पहले ही चीनी मिल को गन्ना देने से मना कर दिया और धरने पर बैठ गए थे। किसानों का धरना अब भी जारी है। किसान मिल मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े हैं। इससे पहले किसानों की मांग पर डीएम ने चीनी मिलों को भुगतान न करने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी थी, लेकिन डीएम के आदेश को भी धता बताते हुए चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों का भुगतान नहीं किया, जिस पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर सोमवार रात 8 बजकर 39 मिनट पर पलिया थाने में चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मिल के अध्यासी, वित्त प्रबंधक और महाप्रबंधक पर दर्ज हुई है एफआईआर
लखीमपुर खीरी। डीएम के निर्देश पर सोमवार रात 8 बजकर 39 मिनट पर पलिया थाने में सहकारी गन्ना समिति के विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह की तहरीर पर मिल के अध्यासी प्रदीप सालार, वित्त प्रबंधक मनोज कुमार मिश्रा और गन्ना महाप्रबंधक सुनील कुमार धींगरा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत धारा 406, 420, 120-बी और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा तीन व सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद
पेराई सत्र 20-21 में 120.60 लाख क्विंटल खरीदा गया गन्ना
गन्ना समिति के विशेष सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने तहरीर में बताया कि 2020-21 के सत्र में 11 नवंबर 2020 को पेराई सीजन शुरू हुआ था। इस दौरान 25 मार्च 2021 तक 120.60 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की गई, जिसका मूल्य 387 करोड़ रुपया हुआ, लेकिन चीनी मिल ने 12 दिसंबर 2020 तक की खरीद का 120 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया। बताया कि भुगतान को लेकर डीएम की तरफ से कई बार बैठकें कर, गन्ना आयुक्त व जिला गन्ना अधिकारी को पत्र लिखा गया। मार्च व अगस्त 2021 में नोटिस व निर्देश पत्र भी जारी हुए, लेकिन चीनी मिल के अध्यासी ने भुगतान मामले में कोई सुधार नहीं किया। सरकारी रिकार्ड में गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान करने का प्रावधान है। फिर भी किसानों का भुगतान न कर उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
विभाग की छवि धूमिल होने के साथ ही बिगड़ रही कानून व्यवस्था
लखीमपुर खीरी। चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि पुराना भुगतान न मिलने पर किसान धरना दे रहे हैं। वहीं पेराई सत्र 2021-22 के लिए इंडेंट जारी होने के बावजूद किसान गन्ना आपूर्ति नहीं कर हैं। इसलिये मिलें शुरू नहीं हो सकी हैं, जबकि यूनिट हेड ने 29 नवंबर को मिल शुरू होने का आश्वासन दिया था। इन सबके कारण गन्ना विभाग की छवि धूमिल होने के साथ ही कानून व्यवस्था भी बिगड़ रही है। मिल प्रबंधन किसानों के साथ धोखाधड़ी, विश्वासघात व आर्थिक शोषण कर रहा है। संवाद
शासन की मंशा है कि किसानों का भुगतान समय पर किया जाए। मिल प्रबंधन से कई बार वार्ता भी की गई, समझाया गया। प्रयास किए गए कि समय से भुगतान कर दिया जाए, लेकिन मिल प्रबंधन ने कोई भुगतान नहीं किया है। इसलिए मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। किसानों का समय से भुगतान हो सके, यह सरकार की प्राथमिकता है।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम