निजी शव वाहन चालकों की मनमानी पर लगेगी लगाम
अब किसी भी गरीब को जिला एवं महिला अस्पताल से अपनों के शव ले जाने के लिए न तो भीख मांगनी पड़ेगी और न ही हजारों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। शासन ने इसके लिए जिला अस्पताल को दो एसी शव वाहन उपलब्ध करवा दिए हैं, जिससे जिला एवं महिला अस्पताल से पीड़ित के घर तक शव को भेजवाया जा सकेगा।
करीब दो माह पूर्व मितौली क्षेत्र निवासी एक युवक को गरीबी के चलते अपनी पुत्री के शव को घर ले जाने के लिए जिला अस्पताल के पास भीख मांगकर पैसों का बंदोबस्त करना पड़ा था। हालांकि इसके बाद भी कई लोगों को अपनों का शव मोटर साइकिल एवं कंधों पर ले जाना पड़ा। ऐसे कई मामले प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को एक-एक एसी शव वाहन दिए जाने का एलान किया था। हालांकि सूबे का सबसे बड़ा जिला होने के कारण लखीमपुर को दो एसी शव वाहन दिए गए हैं, जो शुक्रवार को जिला अस्पताल में आ भी गए और अब यह गरीबों को उनके घर तक शव ले जाने के लिए मुहैया कराए जा सकेंगे। सीएमएस डॉ.मनोज कुमार ने बताया कि दो एसी शव वाहन आ चुके हैं, लेकिन ये वाहन किस स्थिति में किसको दिए जाएंगे, इसके बारे में दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।