लखीमपुर खीरी। शहर के चर्चित मेला मैदान की जमीन के लिए बुधवार को नगर पालिका प्रशासन और गया प्रसाद ट्रस्ट के सरवराकार विपुल सेठ के बीच विवाद छिड़ गया है। नगर पालिका प्रशासन राजस्व व पुलिस टीम के साथ सीमांकन के लिए मौके पर पहुंचा, जो पूरा होते ही पालिका की ओर से जेसीबी लगाकर चहारदीवार निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया। भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वाले विपुल सेठ ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया।
विपुल सेठ ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन जबरन जमीन खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन मनमानी कर रहा है। दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि नगर पालिका क्षेत्र में आने वाली बंजर, नॉन-जेड-ए, तालाब और नाले-नदी की भूमि नगर पालिका की संपत्ति है, जिसे जनहित में उपयोग के लिए खाली कराया जा रहा है।
मेला मैदान पर कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और रस्साकशी का माहौल बना रहा। पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित की गई। नायब तहसीलदार अश्विनी कुमार के निर्देश पर जेसीबी संचालन रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि टीम केवल सीमांकन के लिए पहुंची थी, निर्माण कार्य की अनुमति के संबंध में जानकारी ईओ नगर पालिका से ली जाएगी। इस मौके पर नगर पालिका ईओ संजय कुमार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो, नगर पालिका की टीम व शहर कोतवाल राजेश कुमार सिंह समेत पुलिस फोर्स मौजूद रही।
इस जमीन पर अवैध कब्जा था, इसलिए खाली कराया जा रहा है। जगह खाली कराकर जनहित में दी जाएगी। गढ़ी रोड सड़क पर लग रही सब्जी मंडी को यहां शिफ्ट किया जाएगा। एक तरफ टीन शेड डालकर बारात घर बनाया जाएगा, जो जरूरतमंद लोगों को बहुत कम दाम में उपलब्ध होगा। बाकी जो दुकानदार जैसे दुकानें चला रहे हैं, उन्हें जगह दी जाएगी। बस अड्डा अगर नगर पालिका को किराया देगा तो रहेगा वरना यहां से हटेगा।
- डॉ. इरा श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, लखीमपुर
जमीन मामले में पहुंचीं पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव व पालिका की टीम। संवाद