धनगढ़ी (नेपाल)/गौरीफंटा। भारत और नेपाल के बीच क्रॉस बॉर्डर रेमिटेंस मैकेनिज्म (यूपीआई/एनपीआई) डिजिटल सेवा शुरू होने से दोनों देशों के नागरिकों, पर्यटकों, कामगारों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस व्यवस्था से करेंसी एक्सचेंज की जरूरत कम होगी और डिजिटल माध्यम से सीधे भुगतान व धन हस्तांतरण संभव हो सकेगा।
भारत के यूपीआई और नेपाल की डिजिटल भुगतान प्रणाली को छह जून से जोड़ा गया है। इसके बाद दोनों देशों के नागरिक मोबाइल बैंकिंग एप और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से रियल टाइम, सुरक्षित और तत्काल धनराशि का लेनदेन कर सकेंगे।
इससे भारतीय शहरों में काम करने वाले नेपाली कामगार और नेपाल में कार्यरत भारतीय सीधे अपने खाते से घर पैसे भेज सकेंगे।