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नागपंचमी पर श्रद्धालुओं ने नागों की पूजा की

Wed, 19 Aug 2015 10:49 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जिले भर में नागपंचमी श्रद्धा के साथ मनाई गई। लोगों ने मंदिरों में जाकर भगवान शंकर के साथ नाग देवता की पूजा की। नागों को दूध पिलाने का उपक्रम किया। भुइफोरवानाथ मंदिर और जंगलीनाथ मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यहां नाग दर्शन कराने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नागपंचमी पर दिन भर पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा। भुइफोरवानाथ मंदिर और सेठघाट रोड पर गुड़िया डाली गईं।
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पुराण प्रसिद्ध राजा जन्मेजय के नागयज्ञ की स्थली मानी जाने वाली देवकली में नागपंचमी पर नाग पूजा और काल सर्प योग के निदान के लिए विशेष पूजा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस विशेष पूजा में हिस्सा लिया। साथ ही भक्तों ने देवकली स्थित प्राचीन शिवलिंग का गंगाजल और दूध से अभिषेक कर पूजा अर्चना की। यहां दिन भर मेला लगा रहा।
गोला गोकर्णनाथ। पौराणिक शिव मंदिर पर नागपंचमी के पर्व पर शिवभक्तों की धूम रही। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने तीर्थ में स्नान कर नागों को दूध पिलाकर भगवान शिव के दर्शन किए। भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने आए शिव पार्वती की झांकी के साथ कांवड़िये नगर में आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें लोग देखते रह गए।
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नागपंचमी पर महिलाओं ने घरों में नागराज के चित्र बनाकर कच्चा दूध, चना, पुष्प, अक्षत आदि से पूजन किया। नागपंचमी के पर्व पर मंदिर परिसर में जहां एक ओर शिव भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए वहीं दूसरी ओर नागों को कच्चा दूध पिलाकर पुण्य कमाया। जलालाबाद के कांवड़ियों का जत्था शिव पार्वती की झांकी के साथ नगर में आया।
ममरी। नागपंचमी के मौके पर लोगों ने नाग देवता की बॉबी पर दूध और चने की घुघरी चढ़ाकर पूजन किया। महिलाओं, बालिकाओं ने कपड़े की कतरन से बनी गुड़िया गांव के बाहर डालकर सावन गीत गाए। बच्चों ने खर-पतावर के कोड़ों से गुड़ियों की पिटाई कर मेले का आनंद लिया। इस मौके पर कई जगह दंगल के आयोजन हुए। साथ ही गांव के देवी स्थानों पर सामूहिक हवन आहुतियां देकर पूजन कर जयघोष किया गया।
बांकेगंज। कस्बा में नागपंचमी श्रद्धा से मनाई गई। इस मौके पर बांकेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने दूध गंगाजल, भांग, धतूरा, समी और बेलपत्र सें अपने ईष्ट की पूजा-अर्चना की। मंदिर में सारे दिन पूजा पाठ के साथ भजन कीर्तन का दौर चलता रहा।
नाग पंचमी पर लगा मेला
गोला गोकर्णनाथ। नगर की मोहम्मदी रोड पर नागपंचमी पर मेला लगा जिसमें कई प्रकार के झूले और मिट्टी के खेल-खिलौनों की दुकानें सजी रहीं। यहां बच्चों ने खूब खरीदारी की और झूले का आनंद लिया। इस मेले में बालिकाओं ने नये कपड़े की कतरन से बनी गुड़िया डालीं और बालकों ने मूज से बने कोड़ों से पटाखे दगाए। यह मेला नगर में प्राचीन संस्कृति और हस्तकला का प्रतीक माना जाता है। दोपहर से शाम तक मेले में बच्चों और महिलाओं की खासी भीड़ रही।
सर्पयज्ञ कुंड का लोकार्पण किया
देवकली। पौराणिक महत्व के देवकली शिवमंदिर के निकट स्थित सर्प यज्ञ कुंड का जीर्णोद्धार कराने के बाद इसका लोकार्पण ब्लाक प्रमुख संतोष कुमारी ने किया। सर्पकुंड का जीर्णोद्धार ग्राम पंचायत सैदापुर देवकली ने कराया है। पौराणिक मान्यता है कि राजा परीक्षित के पुत्र राजा जन्मेजय ने इसी स्थान पर पुराण प्रसिद्ध सर्प यज्ञ किया था। मान्यता है कि इस यज्ञकुंड की मिट्टी घर में रखने से सर्प नहीं आते। इस स्थान का नामकरण ब्रह्मा जी की पुत्री देवकली के नाम पर है। लोकार्पण के मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र वर्मा, बीडीओ अजय पांडेय, कुंज बिहारी, यासीन, मोहम्मद अली, रमाकांत मिश्र, दिनेश चंद्र आनंद त्रिवेदी, उमाशंकर मिश्र, प्रेम किशोर वाजपेयी, और अमित कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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