मैगलगंज। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बसा मैगलगंज कस्बा आज तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से वंचित है। हादसों व अन्य गंभीर बीमारियों में त्वरित इलाज मिलने में देरी से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि 1.0030 हेक्टेयर जमीन आवंटित होने के बाद भी निर्माण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग कोई ठोस पहल नहीं कर पाया।
सीएचसी न होने का सबसे बड़ा नुकसान सड़क हादसों में घायल लोगों को उठाना पड़ता है। गंभीर घायलों को 25 से 30 किलोमीटर दूर पसगवां, महोली या मितौली भेजा जाता है। लंबा सफर, अधिक रक्तस्राव और देर से उपचार मिलने से कई घायल समय रहते इलाज न मिलने पर दम तोड़ देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मैगलगंज क्षेत्र में करीब 30 हजार की आबादी रहती है। इसके बावजूद न तो यहां सीएचसी है और न ही पीएचसी, जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।
पसगवां सीएचसी के प्रभारी अश्विनी वर्मा ने बताया कि मैगलगंज से आने वाले गंभीर घायलों को हम लोग यहां से शाहजहांपुर रेफर करते हैं, क्योंकि पसगवां से शाहजहांपुर की दूरी कम पड़ती है। अगर घायल को समय पर बेहतर उपचार मिल जाए, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। संवाद
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हाईवे पर रोज हादसे होते हैं, लेकिन इलाज के लिए 30 किलोमीटर दूर अस्पताल जाना पड़ता है। रास्ते में ही कई लोग दम तोड़ देते हैं। इतने बड़े कस्बे में अस्पताल न होना शर्म की बात है।
रोहित यादव, स्थानीय निवासी
स्वास्थ्य विभाग की जमीन खाली पड़ी है, लेकिन कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। अगर यहां अस्पताल बन जाए तो काफी सहूलियत मिलेगी।
-अजय प्रकाश गुप्ता, व्यापारी
मैगलगंज में नवंबर में हुए कुछ हादसे
-27 नवंबर को मैगलगंज निवासी ललित कुमार रोडवेज बस की टक्कर से घायल हुए थे। उनकी सीतापुर ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी।
-23 नवंबर को कांट, शाहजहांपुर निवासी अंजुम बेगम की बस व एंबुलेंस की टक्कर से मौत हो गई थी।
-18 नवंबर को राजकुमार यादव ट्रैक्टर की टक्कर लगने से घायल हो गए थे। उनकी बाद में मौत हो गई।
-13 नवंबर को मैगलगंज निवासी छविनाथ गुप्ता की बाइक में सामने से दूसरी बाइक टकरा गई। हादसे में छविनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। त्वरित उपचार न मिलने से उनकी मृत्यु हो गई।
-7 नवंबर को बेहड़ा अजीतपुर निवासी शिवम कुमार की बाइक में ई-रिक्शा से टक्कर लग गई। इससे शिवम घायल हो गए। तुरंत प्राथमिक उपचार न मिल पाने से उन्होंने दम तोड़ दिया।
-19 नवंबर को राभा पिहानी निवासी अरविंद सैनी और दिवाकर सैनी की कार ट्रैक्टर से टकरा गई। इससे वे गंभीर घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उनको मैगलगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
-28 नवंबर को छापर जिला सुल्तानपुर निवासी जितेंद्र पाल एक स्कूल वैन से टकरा गए। हालत गंभीर होने पर पहले उनको महोली ले जाया गया। बाद में सीतापुर रेफर करना पड़ा।
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जो जमीन मैगलगंज में खाली पड़ी हुई है, इसकी जानकारी हमें नहीं है। उस जमीन को दिखवाकर उस पर आगे की कार्यवाही शुरू करेंगे। अगर वहां पर सीएचसी बनने का मानक होगा तो जरूर प्रस्ताव भेजेंगे।
-डॉक्टर संतोष गुप्ता, सीएमओ
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सरकार से पत्राचार कर सरकारी स्वास्थ्य सेवा को मैगलगंज में उपलब्ध कराएंगे। जल्द ही सीएचसी के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे।
-सौरभ सिंह सोनू, क्षेत्रीय विधायक
डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता।