डीएम के आदेश से 15 अगस्त तक करना था भुगतान
चीनी मिलों के अध्यासी नहीं हुए गंभीर, छह मिलों पर 364.69 करोड़ बकाया
डीएम आकाशदीप ने 15 दिन पहले चीनी मिलों के अध्याशियों से स्पष्ट कहा था कि 15 अगस्त तक गन्ना किसानों का समस्त भुगतान कर दें, लेकिन यह समय सीमा खत्म हो गई, लेकिन के बकाए धनराशि का भुगतान नहीं किया। किसानों का 364.69 करोड़ रुपये छह चीनी मिलों पर बकाया है। इनमें गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर की मिलें शामिल हैं। हालांकि डीएम के आदेश बाद निजी क्षेत्र की चार मिलों ने आंशिक भुगतान किया, लेकिन सहकारी क्षेत्र की दो मिलों ने एक पैसे का भुगतान नहीं किया है।
बता दें कि पेराई सत्र 2016-17 में किसानों ने नौ चीनी मिलों को 1062.31 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति किया था, जिसके एवज में मिलों को 32 अरब 72 करोड़ 78 लाख 87 हजार रुपये गन्ना मूल्य भुगतान एक्ट के अनुसार 14 दिन में करना था। मिलों को बंद हुए करीब चार माह बीत चुके हैं, जिसमें अजबापुर, कुंभी और गुलरिया मिल ने पूर्ण भुगतान कर दिया है। जबकि गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, ऐरा, बेलरायां और संपूर्णानगर मिल ने किसानों का अरबों रुपये गन्ना मूल्य भुगतान नहीं दिया है, जिससे इन मिलों पर 66.49 करोड़ से अधिक ब्याज की देनदारी बन चुकी है। भाजपा ने गन्ना मूल्य भुगतान समय पर कराने के लिए किसानों से वादा किया था, जिसके बाद योगी सरकार ने चीनी मिलों को जल्द भुगतान के लिए चीनी मिलों को अल्टीमेटम दिया था। नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा। चीनी मिल मालिकों की हठधर्मिता के आगे प्रशासन भी बौना साबित हुआ है।
मिलवार बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
चीनी मिल बकाया गन्ना मूल्य ब्याज
गोला 7270.89 1901.93
पलिया 12050.81 1986.78
खंभारखेड़ा 5730.32 1511.21
ऐरा 3245.32 739.05
बेलरायां 3659.61 240.24
संपूर्णानगर 4512.52 269.97
चीनी मिलों को 15 अगस्त से पहले ब्याज सहित संपूर्ण भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं। अभी निजी और सहकारी क्षेत्र की मिलों पर साढ़े तीन अरब से अधिक रुपये बकाया है। भुगतान के लिए प्रशासन का प्रयास जारी है। 15 अगस्त के बाद भुगतान की समीक्षा की जाएगी और भुगतान न करने वाली मिलों के अध्यासियों से जवाब भी मांगा जाएगा।
आकाशदीप, डीएम