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खेत में मिला तेंदुए का क्षत-विक्षत शव

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संपूर्णानगर वन रेंज की मोरोनिया के खेत में पड़ा तेंदुए का शव।
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मौत का कारण वन विभाग ने आपसी संघर्ष बताया
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संपूर्णानगर। हजारा ट्रांस शारदा क्षेत्र में गन्ने के खेत में तेंदुए का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। खेत में गन्ना छीलने गए मजदूरों की नजर जब शव पर पड़ी तो उन्होंने सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में ले लिया है। वन विभाग ने प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत होने का कारण बताया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
संपूर्णानगर वन रेंज के बफर जोन हजारा के मोरोनिया गांधीनगर जंगल के किनारे पशु-पक्षियों के लिए सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले वेटलैंड के निकट सुबह गन्ना छीलने मजदूर गए थे। मजदूरों की नजर खेत में मृत जानवर पर पड़ी तो वह चिल्लाकर भागे और वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर संपूर्णानगर रेंजर सरोज बाबू दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को देखकर तेंदुए का होना बताया।
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रेंजर सरोज बाबू ने बताया कि प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत होना सामने आ रहा है, जांच की जा रही है। बताया कि तेंदुए की मौत करीब दो-तीन दिन पूर्व होना लग रहा है। तेंदुए के दांत, बाल व नाखून सुरक्षित हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आपसी संघर्ष में तेंदुए की मौत हुई है। घटनास्थल पर गन्ना भी अधिक टूटा हुआ पड़ा है। फिलहाल जांच की जा रही है। उधर, बफर जोन के डीएफओ सुंदरेशा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पीएम के लिए भेजे जाने के निर्देश दिए।

हिंसक जानवर के साथ संघर्ष में हुई तेंदुए की मौत 
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के संपूर्णानगर रेंज में मिले तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम रेंज परिसर में तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। पोस्टमार्टम से पता चला है कि तेंदुए की मौत किसी हिंसक जानवर के साथ संघर्ष में घायल होने से हुई है। 
तेंदुए के सभी नाखूनों में खून और बाल पाए गए। इस खून और बालों के साथ-साथ घटनास्थल पर मिले खून और बालों को भी सहेज कर फोरेंसिक जांच के लिए देहरादून भेजा जा रहा है। इससे इस बात का पता चल सकेगा कि तेंदुए की मौत दूसरे तेंदुए के साथ अथवा बाघ या किसी अन्य हिंसक जानवर के साथ संघर्ष में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मरे तेंदुए की उम्र करीब चार साल है। इसकी मौत शव मिलने से 24 घंटे से भी अधिक समय पहले हुई है। 
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पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों के पैनल में दुधवा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, पलिया के पशु चिकित्सक/डिप्टी सीएमओ डॉ. जेबी सिंह और संपूर्णानगर के पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार शामिल रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव को नियमानुसार जला दिया गया। 
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