27 वर्षों से अधूरा पड़ा सुजईकुंड़ा पुल। संवाद
27 वर्षों से अधूरा 25 गांवों को जोड़ने वाला सुजईकुंडा सेतु
धौरहरा और सुजईकुंडा के बीच बना पुल 27 वर्षों से अधूरा है। ग्रामीणों ने कारसेवा कर पुल के किनारे पाटकर रास्ता बनाया, लेकिन यह रास्ता भी बाढ़ में बह गया। अधूरे पुल के पास नाले से सुजईकुंडा, पंडित पुरवा, बिंजहा, भटपुरवा सहित करीब 25 गांवों के हजारों लोग गुजरते हैं। पुल न बनने से इस जगह पर कई हादसे हो चुके हैं। सुजईकुंड़ा गांव निवासी शशांक शुक्ला, सभ्रांत शुक्ला, राजेश कुमार, अमन, गुड्डू, इस्माइल, जाबिर अली आदि बताते हैं कि नेता हर चुनाव में वादे करते हैं, लेकिन बाद में मुकर जाते हैं। विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी ने बताया कि जो पुल अधूरा पड़ा है, वह निष्प्रयोज्य है नया पुल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर नवनिर्माण होगा।