पार्क प्रशासन के दो हाथी कर रहे कांबिंग, पार्क समेत नार्थ खीरी की टीम जुटी
जंगल की ओर जाने के मिले पगमार्क, जंगल में भी हुई पगमार्क की पुष्टि
दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के पास और नार्थ खीरी डिवीजन क्षेत्र में खैरहना बिजौरिया निवासी एक व्यक्ति को मारने वाले बाघ को घेरने की कवायद शुरू हो गई है। सुबह ही पार्क एफडी सुनील चौधरी, डीडी महावीर कौजलगि, वार्डेन एनके उपाध्याय मौके पर पहुंच गए और मौका मुआयना कर यहां बाघ की तलाश मेें चार कैमरे लगवा दिए। इसके साथ ही उन्होंने दो हाथियों को कांबिंग में लगाया है। बताया जा रहा है कि बाघ की लोकेशन जंगल की ओर मिली है।
शनिवार की सुबह दुधवा नेशनल पार्क के एफडी सुनील चौधरी, डीडी महावीर कौजलगि, वार्डेन एनके उपाध्याय, नार्थ खीरी मझगईं रेेंज अधिकारी राधेश्याम, वन दरोगा विक्रम कुमार मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल व आस पास का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने यहां बाघ की तलाश मेें चार ट्रिपिंग कैमरे लगवाए और दो हाथियों से कांबिंग शुरू करा दी। इसके साथ ही कई कर्मियों की टीम को भी लगाया है जो बाघ की तलाश कर रहे हैं। बताया गया है कि बाघ के पगमार्क जंगल की ओर मिले हैं। फिलहाल कांबिंग जारी है और इलाके में दहशत का माहौल है।
दुधवा नेशनल पार्क के वार्डेन एनके उपाध्याय के अनुसार दो हाथियों को कांबिंग में लगाया है और कई रेंजों के कर्मी भी इसमें जुटे हुए हैं। चार कैमरे भी लगाए गए हैं। बाघ नर है या मादा इसका अभी पता नहीं चल सका है। टीम मौके पर हैं। गांव वालों को भी हिदायत दी गई है कि वह उधर न अकेले न जाएं।
नहीं हो सकी हमलावर बाघ की पहचान
भिखारी को मारने वाला बाघ है या बाघिन अब तक इसका खुलासा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि बाघ के पगमार्क तो मिले हैं लेकिन कीचड़ के कारण उससे यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है। चर्चाएं मादा की हैं लेकिन वनाधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने का तैयार नहीं हैं। उनकी माने तो जो पगमार्क मिले हैं वह कीचड़ के कारण स्पष्ट नहीं है और इसी कारण उसके नर या मादा होने के पुष्टि नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का भी बनाया गया एक दल
वन कर्मियों के साथ साथ ग्रामीणों की भी एक टीम बनाई गई है जो नजर रखेगी और बाघ के दिखने पर लोगों को होशियार करने के साथ ही महकमे को जानकारी देगी।
घटनास्थल पर रात में फिर पहुंचा बाघ, बढ़ी दहशत
पलियाकलां / मझगईं। दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारपुर रेंज से कुछ दूर बिजौरिया खैरहना गांव निवासी भिखारी को शिकार बनाने के बाद बाघ शुक्रवार देर रात फिर उसी जगह आया, लेकिन वापस चला गया। इसके बाद बाघ की आमद सुबह फिर हुई। उसे देख लोगों के होश उड़ गए। घटना के बाद देररात से ही गांव में वन अधिकारियों का जमघट लगा हुआ है। दुधवा नेशनल पार्क के वार्डेन एनके उपाध्याय ने मृतक परिवार को दस हजार की तात्कालिक सहायता दी है।
शुक्रवार को लोहरा विरान गांव के पास एक खेत में बिजौरिया खैरहना निवासी भिखारी पुत्र मथुरा को बाघ ने मार डाला था। इससे लोगों में दहशत फैल गई थी डरे सहमें लोगों ने जैसे तैसे शव को उठाया था। देररात बाघ फिर उसी स्थान पर पहुंचा जहां उसने भिखारी को मारा था। बाघ यहां काफी देर दहाड़ता रहा, जिससे पूरा इलाका थर्राया रहा। वैसे तो इलाका नार्थ खीरी का है लेकिन दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के समीप है और इसी के चलते वार्डेन एनके उपाध्याय रात में ही वहां पहुंच गए थे और पूरी जांच पड़ताल कर मृतक परिवार को दस हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी। इसके साथ ही यहां मझगईं रेंज के रेंजर राधेश्याम, वन दरोगा विक्रम समेत कई कर्मी मौजूद रहे। गांव में दहशत का माहौल है।
कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा साउथ खीरी
साउथ खीरी डिवीजन की मैलानी रेंज में कर्मचारियों को टोटा बना हुआ है। आलम यह है कि रेंज की सात बीटों क्रमश: भरिगवां, खरेहटा, गदनियां, मैलानी मध्य, जटपुरा, सलेमपुर और महुरैना के वनों और वन्यजीवों की देखभाल की जिम्मेदारी मात्र एक फारेस्टर के कंधों पर है। दो बीटो में फारेस्ट गार्ड की कमी के चलते संबधित बीटों में वन रक्षकों के पास डबल चार्ज है। उधर इस संबध में डीएफओ साउथ अखिलेश पांडे ने बताया कि अभी चार्ज संभाला है। मामला संज्ञान में आया है। मैलानी रेंज में एक या दो दिन में रिक्त पड़े पदों पर फारेस्टर और वन रक्षकों की तैनाती हर हाल में कर दी जाएगी।