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तीन साल की मासूम बच्ची से दुराचार

Wed, 15 Mar 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सिंगाही (लखीमपुर खीरी)।
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RAPE
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बेहोशी की हालत में मिली लावारिस बच्ची, भर्ती
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दूसरे दिन माता-पिता थाना पहुंचे तो हुई जानकारी 
टॉफी दिलाने के बहाने बच्ची को घर से ले गए एक दरिंदे नेबुलाकर लाई गई एक तीन साल की मासूम बच्ची को दरिंदे ने अपनी हवस का शिकार बना डाला। आरोपी ने उसके साथ दरिदंगी की और सड़क किनारे खून से लथपथ बच्ची को लावारिस हाल में छोड़कर भाग निकला। बच्ची के अंदरूनी कपड़े खून से सने थे। सूचना पर पहुंची डायल 100 बच्ची को बेहोशी की हालत में पहले थाना लाई। पुलिस मामले को दबाने की कोशिश में जुटी और बच्ची को प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गई, लेकिन जब डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए तो उसे आनन-फानन सीएचसी निघासन लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची का उपचार शुरू कर दिया है। डॉक्टर ने बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई है।
थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी ससुराल पास में ही है। सोमवार की शाम को शिवमंदिर में होली गीत हो रहे थे। वह लोग घर पर ही थे। उनकी बच्ची रोज बिना बताए अपने नाना के घर चली जाती थी। वहीं पर वह रहती थी। सोमवार की शाम सभी लोग होली गीत में शिव मंदिर पर मशगूूल थे। इसी बीच बच्ची भी खेलती हुई आई। आरोप हैं कि पड़ोस का एक युवक शराब के नशे में था, जो बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने ले गया, फिर सड़क किनारे उसके साथ दुराचार किया और बच्ची को बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग निकला। रात करीब नौ बजे मोहल्ले के ही रमन जोशी उधर से निकले तो उनकी नजर बेहोशी की हालत में पड़ी बच्ची पर पड़ी। उसके अंदरूनी कपड़े खून से सने थे। उन्होंने इसकी सूचना यूपी डायल 100 और चेयरपर्सन कयूम को दी। बच्ची की शिनाख्त न होने पर चेयरपर्सन कयूम ने मस्जिद में एनाउंस भी कराया, लेकिन उसके माता-पिता का कोई पता नहीं चला। उधर मौके पर पहुंची पुलिस चौकीदार की पत्नी को साथ लेकर बच्ची को एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गई। बच्ची की हालत देख डॉक्टर ने अपने हाथ खड़े कर दिए। इस पर पुलिस उसे बेहोशी की हालत में निघासन सीएचसी लाई, जहां से डॉक्टर ने महिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बच्ची का उपचार कर रहीं महिला डॉक्टरों ने उसके होश में होने और हालत में सुधार होने की बात बताई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर चोट है, लेकिन मेडिकोलीगल की प्रक्रिया पूरी होने से पहले रेप की बाबत कुछ साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। उधर पुलिस ने आरोपी श्याम विश्वकर्मा के खिलाफ रेप और पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। 
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गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो मिली जानकारी
मंगलवार सुबह करीब नौ बजे मोहल्ले के लोग संवत सुनने के लिए मंदिर पर एकत्र हुए। उसमें बच्ची के माता-पिता के अलावा ननिहाल पक्ष के लोग भी आए। बच्ची के पिता ने अपने साले से पुत्री की जानकारी ली तो उन्होंने घर पर न होने की बात कही। इस पर परिवार के लोग परेशान हो उठे और बच्ची की तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद जब वह नहीं मिली तो थाना गए और बच्ची के गायब होने की जानकारी दी। तब पुलिस ने बच्ची के जिला महिला अस्पताल में भर्ती होने की उसके माता-पिता को जानकारी दी।
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झूठ बोल एसओ ने की घटना छुपाने की कोशिश 
सिंगाही पुलिस बच्ची के साथ रेप की घटना को छुपाने की पूरी कोशिश की। उसके चोट लगने की बात कहती रही। जिला महिला अस्पताल में भी पुलिस ने लावारिस बच्ची के बीमार होने की बात बताकर गुमराह किया। खासबात यह है कि जब इस मामले में एसओ सतेंद्र सिंह से पूछा गया तो उनके बयान काफी चौंकाने वाले थे। उन्होंने कहा कि ठंड अधिक थी, इसलिए बच्ची की हालत बिगड़ गई। उन्होंने रेप जैसी किसी भी बात से इंकार कर दिया बोले, बच्ची के कपड़ों पर कोई खून नहीं था, लेकिन जब अस्पताल के डॉक्टर और साथ में आई चौकीदार से बातचीत हुई तो हकीकत सामने आ गई।
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