मां के साथ घर में सो रही थी किशोरी
पुलिस ने न रिपोर्ट लिखी और न ही कराया मेडिकल परीक्षण
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में घर में घुसकर गांव का ही एक युवक 16 वर्षीय किशोरी को तमंचे के बल पर घर से बाहर उठा ले गया और उसके साथ दुराचार किया। विरोध करने और शोर मचाने पर गोली मार देने की धमकी दी। सुबह अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची और पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा।
क्षेत्र के एक गांव की महिला ने बताया कि वह अपनी 16 वर्षीय पुत्री के साथ घर में सो रही थी। आधी रात में गांव का ही एक युवक उसके घर घुस आया और उसकी पुत्री को तमंचा दिखाकर कब्जे में कर लिया। शोर मचाने और विरोध करने पर गोली मार देने की धमकी दी। आरोप है कि मुंह दबाकर उसकी पुत्री को आरोपी घर से बाहर उठा ले गया और दुराचार किया। पीड़िता किशोरी अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची और पुलिस को घटना बताते हुए तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया। पीड़िता की न तो रिपोर्ट लिखी और न ही उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा।
कोतवाली प्रभारी सत्येन्द्र सिंह का कहना है कि पीड़िता अपनी मां के साथ आई थी और तहरीर देकर कहीं चली गई, लेकिन लौटकर दोबारा कोतवाली नहीं आई है। इसलिए न तो रिपोर्ट दर्ज हो सकी है और न ही पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा जा सका है।
सीओ निघासन आदेश कुमार त्यागी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। एसओ ने भी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है। अगर तहरीर पुलिस को मिली तो रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। रिपोर्ट दर्ज न करना लापरवाही है। एसओ से बात कर मामले को देखेंगे। एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने भी जानकारी से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता उनके पास आकर शिकायत करती है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
अफसरों को भी नहीं दी मामले की सूचना
तिकुनियां। महिला उत्पीड़न के मामले में कोतवाली पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं करती है। शीर्ष कोर्ट ने रेप जैसे मामलों की तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन पुलिस घटनाओं को दबाने के लिए ऐसे मामलों को दर्ज करने में टालमटोल करती है। शायद यही वजह है कि पुलिस ने दुराचार पीड़िता की न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। यहां तक पुलिस ने इसकी जानकारी अफसरों को भी नहीं दी।