बहुचर्चित गोदा देवी हत्याकांड: घटना के दिन पुलिस ने नहीं दर्ज की थी रिपोर्ट
गांव बैलहा में हुए बहुचर्चित गोदा देवी हत्याकांड में साल भर से फरार चल रहे हत्यारोपी ससुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान कर दिया। इस हत्याकांड के चार आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। घटना के दिन ही मामले की रिपोर्ट दर्ज न करने पर तत्कालीन एसपी ने एसओ-दरोगा समेत आधा दर्जन पुलिस वालों को प्रतिकूल प्रविष्ट दी थी।
नौगवां निवासी कढिले की पुत्री गोदा देवी के पति रामकुमार की मौत 10 साल पहले हो गई थी। उसके बाद दीपू ने जमीन के लालच में गोदा देवी के साथ ब्याह रचा लिया था। दीपू से गोदा के बच्चा भी हुआ था। आरोप है कि 17 जुलाई 2015 को गोदा देवी की उसके पति दीपू, ससुर कल्लू, हंसराज, सकटू आदि ने जमकर पिटाई की और दो साल के मासूम बच्चे समेत घर से निकाल दिया। गोदा देवी घायलवस्था में घर के दरवाजे पर मासूम बच्चे के साथ सुबह तक पड़ी रही। उसके अगले दिन उसने थाने में तहरीर दी, लेकिन तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। गोदा देवी 18 जुलाई को दोबारा थाने में तहरीर देने जा रही थी कि उसकी चंदन पुरवा गांव के पास मौत हो गई थी। गोदा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दीपू, कल्लू, हंसराज, सकटू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला संज्ञान में आने पर तत्कालीन एसपी ने रिपोर्ट दर्ज न करना बड़ी लापरवाही माना और एसओ, एक एसआई समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मियों की प्रतिकूल प्रविष्टी दे दी थी। एसओ मनोज सिंह ने बताया कि पुलिस ने दीपू, हंसराज और सकटू को पकड़कर जेल भेज दिया था, लेकिन आरोपी ससुर कल्लू फरार चल रहा था। जिसे पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।