संदिग्ध लोगों की तलाशी, हवालात भी देखी
एएसपी ने सीओ सिटी के साथ कचहरी परिसर का निरीक्षण किया और हवालात आदि देखी। इस दौरान एसडीएम सदर दफ्तर के पास ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही नदारद मिला। इससे नाराज एएसपी ने सीओ सिटी को सिपाही के खिलाफ सदर कोतवाली में रपट दर्ज कराने के निर्देश दिए। सीओ के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने रपट दर्ज कर ली है।
सोमवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने सीओ सिटी एमपी सिंह, सदर कोतवाल दीपक शुक्ल समेत पुलिस बल के साथ कचहरी परिसर का औचक निरीक्षण किया और तलाशी ली। इस दौरान उन्होंने कचहरी हवालात देखी और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी देखी। जेल से आए बंदियों की संख्या पूछी। यहां पर ड्यूटी पर सभी पुलिसकर्मी मौजूद मिले। उन्होंने पेशी पर आए हवालाती बंदियों से भी पूछताछ की। इस दौरान एएसपी ने हवालाती ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को सचेत करते हुए कहा कि बंदियों को लाने और ले जाने में खास सतर्कता बरतें। किसी के बहकावे या लालच में न आएं। इसके बाद उन्होंने गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी अलर्ट रहने और आने-जाने वाले हर शख्स पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए। इस दौरान संदिग्ध लगने वाले लोगों की तलाशी भी ली। एसडीएम सदर कोर्ट गेट के निकट गेट पर तैनात दो सिपाहियों में बालमुकंद त्रिपाठी मौजूद मिले, लेकिन साथी सिपाही राजेश्वर सिंह गैर हाजिर था। इससे नाराज एएसपी ने सीओ सिटी से सिपाही राजेश्वर की गैरहाजिर होने की रपट दर्ज कराने के निर्देश दिए। एएसपी ने बताया कि सदर कोतवाली पुलिस ने सिपाही की गैरहाजिरी की रपट दर्ज कर ली।
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चेकिंग समाप्त होने पर पहुंची बम निरोधक टीम
लखीमपुर खीरी। चेकिंग शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले सीओ सिटी एमपी सिंह ने बम निरोधक दस्ते को चेकिंग की सूचना दी और उन्हें कचहरी में पहुंचने के निर्देश दिए। एएसपी, सीओ पुलिस बल के साथ कचहरी पहुंच गए, लेकिन बम निरोधक दस्ता नहीं पहुंचा। पौन घंटे के निरीक्षण और तलाशी के बाद अधिकारी जब कचहरी से चले गए तब बम निरोधक दस्ते की टीम कचहरी गेट पर पहुंची। इस पर सीओ सिटी एमपी सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई।
जेल से फरार हुए मोहन की गतिविधियों की ली जानकारी
एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी और सीओ सिटी ने जिला जेल से लाए गए बंदियों से जेल से फरार हुए रेप और हत्या के आरोपी बंदी मोहन कश्यप के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जेल की गतिविधियों के बारे में भी पूछताछ की, लेकिन बंदी कुछ खास जानकारी नहीं दे सके। बता दें कि 31 अक्तूबर को बंदी मोहन कश्यप जेल के अंदर से फरार हो गया था। जेल प्रशासन और पुलिस अब तक इस बात का पता नहीं लगा सकी है कि मोहन जेल की चाहरदीवारी से किस रास्ते बाहर निकल गया।