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डीएम के फरमान पर पीड़ित  व्यापारियों पर ही रिपोर्ट दर्ज

Mon, 07 Nov 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो निघासन। 
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रिपोर्ट - फोटो : demo pics
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बलवा और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने में चार नामजद, 40 अज्ञात 
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10 दिन पहले खाद्य सुरक्षा टीम के साथ हुए विवाद का मामला
दस दिन पहले खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन टीम के साथ हुए विवाद के मामले में व्यापारी की तहरीर पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन डीएम के फरमान पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह की ओर से चार व्यापारियों को नामजद करते हुए 40 अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे गुस्साए व्यापारी आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
डीएम के निर्देश पर दिवाली के पहले खाद्य पदार्थों की जांच करने पांच सदस्यीय टीम 27 अक्तूबर को निघासन पहुंची थी। इस टीम में अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह के नेतृत्व में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अनिल सिंह और खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक, डॉ. आदित्य वर्मा और डॉ. मनोज कुमार सहित तहसीलदार जगदीश सिंह भी शामिल थे। उस दौरान व्यापारियों से विवाद हुआ था, जिसमें दुकानदार शिवकुमार ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। उधर, विवाद के कारण भागे टीम सदस्यों की गाड़ी के चपेट में आकर एक ठेलिया टूट गई थी। इसके बाद कोतवाली पहुंचे तमाम व्यापारियों ने खाद्य विभाग की टीम पर अभद्रता और ठेलिया तोड़ने की तहरीर दी थी। पुलिस ने व्यापारियों की इस तहरीर पर मुकदमा दर्ज करना तो दूर कोई कार्रवाई तक नहीं की। उधर टीम की रिपोर्ट पर डीएम का आदेश मिला तो पुलिस ने आनन फानन में डॉ. अमर सिंह की तहरीर पर व्यापारी अशोक कुमार, शिवकुमार, अशोक कनौजिया और योगेश दीक्षित समेत 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा  डालने, बलवा, बंधक बनाने, नुकसान पहुंचाने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर  लिया है। डीओ अमर सिंह ने बताया कि वहां पर मौजूद होटल स्वामी और अन्य लोगों ने टीम से अभद्रता ही नहीं की बल्कि गाड़ी को पंचर कर उसके शीशे भी तोड़े थे।
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व्यापारियों में रोष 
व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक चौबिया का कहना है कि टीम ने दुकान में घुसकर होटल स्वामी को थप्पड़ मारा था। व्यापारियों के साथ ज्यादती भी हुई और रिपोर्ट भी उन्हीं पर दर्ज कर दी गई, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मुकदमा शीघ्र वापस नहीं हुआ तो इस मामले में व्यापार मंडल आंदोलन को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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