एक ही परिवार पर हुए हमले का मामला, कटहा गांव में पसरा मातमी सन्नाटा
बुआ-भतीजी की हत्या के बाद से गांव कटहा में सन्नाटा पसरा हुआ हैं। गमगीन माहौल में पुलिस की सुरक्षा में शुक्रवार को दोनों बच्चियों के शव एक ही कब्र में दफन कर दिए गए। उधर जिला अस्पताल में भर्ती दंपति समेत तीनों लोगों की हालत में सुधार है। ह्दयविदारक इस घटना से गांव के लोग स्तब्ध हैं।
बतादें कि 22 फरवरी की रात गांव कटहा में राजेंद्र उर्फ रज्जन के घर पर आठ लोगों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने बरामदे में सो रहे राजेंद्र, उसकी पत्नी रजनी, पुत्री फूलकेसरी, बहन आरती और सुभाषिनी पर धारदार हथियार से कई प्रहार किए थे, जिससे पांच वर्षीय फूलकेसरी की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उसके पिता राजेंद्र, मां रजनी, बुआ आरती और सुभाषिनी गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आरती ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में भर्ती राजेंद्र, रजनी और सुभाषिनी की हालत में सुधार है। पोस्टमार्टम के बाद बुआ और भतीजी के शव गांव पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। शव देखने वालों की भीड़ जुट गई। शुक्रवार की सुबह फूलकेसरी और उसकी बुआ आरती के शवों को एक ही स्थान पर दफन कर दिया गया। मासूमों के अंतिम संस्कार के समय सभी लोगों की आंखे नम थी। --
माता पिता नहीं कर सके अंतिम दर्शन
जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहे राजेंद्र और उसकी पत्नी रजनी, बहन सुभाषिनी फूलकेसरी तथा आरती की अंतिम शव यात्रा में शामिल नहीं हो सके। राजेंद्र अपनी पुत्री फूलकेसरी और बहन आरती से बेहद प्रेम करता था।
मां से छुपाया फूलकेसरी की मौत का राज
जिला अस्पताल में भर्ती फूलकेसरी की मां रजनी की हालत खराब थी। इस वजह से पुत्री की मौत होने की जानकारी उसके परिवार वालों ने नहीं दी। रज्जन के बड़े भाई दिव्यांग रामकुमार ने बताया कि फोन पर रजनी ने फूलकेसरी के बारे में हालचाल भी पूछा था। उसने अपना दुख छुपाते हुए हाल चाल सही बताया था।
ननिहाल गए शोभित और पल्लवी
रज्जन का पांच वर्षीय बेटा शोभित और उसकी पुत्री पल्लवी अपने माता पिता के न होने तथा बुआ और बहन की मौत के कारण उनका रोरोकर बुरा हाल था। शोभित और पल्लवी को मोहबतिया बेहड़ स्थित ननिहाल उसके मामा लेकर चले गए हैं।
मामले में हत्या आरोपी सत्यप्रकाश से पूछताछ की जा रही हैं। घटना के मुख्य आरोपी अवधेश को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। गांव में स्थित शांति पूर्ण हैं।
-डीसी मिश्रा, इंस्पेक्टर