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जिनके घर डाका पुलिस उन्हें ही बता रही डकैत

Sun, 26 Jun 2016 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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robbry - फोटो : amar ujala
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कारगुजारी : क्राइम कंट्रोल के नाम पर पीड़ितों को ही हड़का रहे दरोगा
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दर्जन भर बदमाशों ने दो घरों में डाला छह लाख का डाका
परिवार वालों को पीटा फिर कमरों में बंदकर की लूट
जांच को पहुंचे दरोगा ने हड़काया कि झूठी कहानी बनाई
न फिंगर प्रिंट लिए और न ही डॉग स्क्वाड को बुलाया 
अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम खीरी पुलिस क्राइम कंट्रोल के नाम पर पीड़ितों को ही हड़का रही है। दस बदमाशों ने शनिवार मध्यरात्रि के बाद रात दो घरों में असलहों के बल पर महिलाओं को कमरे में बंद कर और परिवारवालों के साथ मारपीट कर लाखों रुपये लूट लिए और पुलिस मामले को झूठा बताकर न केवल पल्ला झाड़ रही है बल्कि पीड़ितों को ही हड़का रही है कि उन्हीं लोगों ने सामान इधर उधर कर डकैती की कहानी रची है। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद करीब चार बजे सुबह मौके पर पहुंचे मिश्राना चौकी प्रभारी ने पीड़ितों पर सवालों की बौछार की और उन पर ही डकैती की कहानी रचने का आरोप लगा डाला। न तो मौके से फिंगर प्रिंट लिए गए न ही डॉग स्क्वाड गया और न ही पुलिस ने कोई रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस की इस कारगुजारी से मोहल्ले के लोगों में रोष है।
बेखौफ बदमाशों ने शनिवार रात सदर कोतवाली के मोहल्ला विश्वनाथ कॉलोनी निवासी पप्पू रस्तोगी और उनके पड़ोसी राममोहन के घर धावा बोल दिया और घर के सभी सदस्यों की बांधकर पिटाई की। दोनों घरों से बदमाश चार मोबाइल, नगदी-जेवर समेत करीब छह लाख का सामान लूट गए। मोहल्ला विश्वनाथ कॉलोनी निवासी पप्पू रस्तोगी ने बताया कि वह, पत्नी और बच्चों के साथ कमरे में सो रहे थे जबकि पुत्र सोनू बरामदे में सो रहा था। छत के रास्ते घर में घुसे करीब दर्जन भर बदमाशों ने सोनू को गन प्वाइंट पर ले लिया और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। फिर सोनू से आवाज लगवाकर बदमाशों ने कमरे का दरवाजा खुलवाया और पप्पू सहित पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर लेकर पिटाई कर बांध दिया। बदमाशों ने दो मोबाइल, करीब 20 हजार रुपये की नगदी, सोने के तीन पैंडल, सोने की तीन जंजीर, तीन अंगूठी, तीन जोड़ी कान के झाले, दोनों पुत्रियों और पत्नी के पहने जेवर उतरवा लिए। बाद में सभी को एक कमरे में बंद कर करीब चार लाख का सामान लूट कर फरार हो गए। इसके बाद बदमाश करीब 50 मीटर दूर स्थित राममोहन के घर पहुंचे। बाहर लगे गेट के सहारे छज्जे से छत पर पांच बदमाश पहुंच गए। बदमाशों ने छत पर सो रहे राममोहन, उसके बड़े भाई गुड्डू समेत परिवार के सभी सदस्यों को गन प्वाइंट पर ले लिया। बदमाशों ने मोबाइल और चाभियां कब्जे में लेकर सभी को एक कमरे में बंद कर दिया और तीन पुत्रियों और पत्नी और उनकी भाभी के पहने जेवर उतरवा लिए। इसके अलावा घर में रखा मंगलसूत्र, अंगूठी समेत करीब दो लाख के जेवर लूट ले गए। 
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रात करीब दो बजे के बाद 100 पर सूचना देने के बाद सुबह चार बजे मौके मिश्राना पुलिस चौकी प्रभारी अजय कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने न जांच की और न ही पड़ताल। पीड़ित पप्पू रस्तोगी और राममोहन ने बताया कि दरोगा ने घर में घुसते ही इधर-उधर बिखरा सामान पड़ा देखा और सवालों की बौछार करते हुए पीड़ितों और घरों की महिलाओं को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ितों की मानें तो दरोगा ने यह तक कह डाला कि कोई लूटपाट नहीं हुई, खुद ही लूटपाट की फर्जी कहानी रच डाली। इसके बाद वह वापस लौट गए। सुबह करीब साढ़े 10 बजे शहर कोतवाल एसपी उपाध्याय मौके पर पहुंचे तो लोगों ने दरोगा की इस करतूत की उनसे शिकायत भी की।

डीजीपी का आदेश भी नहीं मानती पुलिस 
पुलिस अपने महकमे के आला अधिकारी के आदेश भी नहीं मानती है। डीजीपी के सख्त आदेश हैं कि रेप, हत्या, डकैती जैसे जघन्य अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए फील्ड यूनिट को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए जाएं। मौके पर जुटने वाली भीड़ साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न कर सके। इसके लिए येलो टेप भी मुहैया कराए थे। जिले के सभी थानों पर येलो टेप भी उपलब्ध है, लेकिन पुलिस ने न तो येलो टेप को लगाकर घटना स्थल को सुरक्षित करने की जरूरत समझी और न ही फिंगर एक्सपर्ट बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वाड को भी नहीं बुलाया गया। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।

स्थानीय भाषा बोल रहे थे बदमाश
डकैती को अंजाम देने वाले बदमाशों की संख्या करीब दर्जन भर थी। पीड़ितों के मुताबिक सभी बदमाश मुंह पर ढाटा बांधे थे। उनकी की उम्र 25 से 30 साल के बीच की थी। सभी के पास तमंचे, धारदार हथियार, थे। बदमाश स्थानीय भाषा बोल रहे थे। बदमाशों ने राममोहन के घर में ही मोहल्ले के ही रस्तोगी के मकान में लूट करने जाने की बात कही थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश मोहल्ले के सभी लोगों के पूरी तरह से वाकिफ थे।

एडीएओ आईएसबी के बंद घर में हो गई चोरी
लखीमपुर खीरी। मोहल्ला राजगढ़ निवासी प्रहलाद नरायन मिश्रा ने बताया कि वह बिजुआ ब्लाक में एडीओ आईएसबी के पद पर कार्यरत हैं। शनिवार को परिवार समेत लखनऊ गए थे। घर पर ताला पड़ा हुआ था। शनिवार की रात वह वापस लौटे। घर पहुंचकर जब उन्होंने गेट खोलकर घर के अंदर गए तो उनकी नजर सामान खंगाल रहे चोरों पर पड़ी। शोरशराबा करने पर चोर भागने लगे। जिस पर उन्होंने चोरों का पीछा भी किया, लेकिन चोर हाथ नहीं लगे। उन्होंने बताया कि चोर घर में रखी 45 सौ रुपये की नगदी, सोने की तीन चेन, तीन जोड़ी टॉप्स, दो मोबाइल, चांदी के 20 सिक्के, चांदी की कटोरी, तश्तरी, चम्मच सहित करीब सवा लाख रुपये का सामान बटोर ले गए। उन्होंने घटना की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 
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लूट और चोरी की वारदातों की सूचना पर मौका मुआयना किया है। सभी घटनाएं संदिग्ध हैं। जांच की जा रही है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पर आरोप लगाने का मामला संज्ञान में आया है। इश पर चौकी इंचार्ज को डांटा गया है। 
- एसपी उपाध्याय, शहर कोतवाल
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