सहकारी क्षेत्र की सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां और किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर द्वारा लूज बैगास की बिक्री में घपला कर सरकार को चूना लगाने का मामला सामने आया है। डीएम किंजल सिंह ने बैगास की बिक्री में गड़बड़ी का शक होने पर एडीएम की निगरानी में बैगास की नीलामी कराई, जिसमें प्रधान प्रबंधकों की कारगुजारी खुलकर सामने आ गई। डीएम ने दोनों मिलों के प्रबंधकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
पेराई सत्र 2014-15 में उत्पादित लूज बैगास की मिलों द्वारा बिक्री की गई थी, जिसमें प्रधान प्रबंधकों ने टेंडर प्रक्रिया न अपनाकर महज खानापूर्ति की। डीएम के पास फाइल पहुंची तो बैगास बिक्री की अपेक्षाकृत दरें कम होने पर शक हुआ। डीएम ने इसे संज्ञान में लेते हुए जनपद स्तर पर लूज बैगास की बिक्री के लिए एडीएम हरिकेश चौरसिया की देखरेख में कमेटी गठित कर दी, जिसके बाद 18 मार्च को निविदाएं आमंत्रित की गईं। प्राप्त निविदाएं 19 मार्र्च 2015 को कमेटी के समक्ष खोली गईं, जिसमें बेलरायां मिल की बैगास के लिए 271.60 रुपये प्रति क्विंटल बिक्री दर प्राप्त हुई है। जबकि पूर्व में क्रमश: 173, 145 और 253 रुपये प्रति क्विंटल दर पर बैगास बिक्री की गई थी। इसी तरह संपूर्णानगर मिल की लूज बैगास के लिए 265.60 रुपये प्रति क्विंटल की दरें प्राप्त हुई हैं, जबकि इससे पहले 185, 165 और 211.76 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक्री की गई थी।
सहकारी चीनी मिलों द्वारा उत्पादित लूज बैगास की डीएम के निर्देशन में निविदा प्रक्रिया कराकर नीलामी कराई गई, जिससे सहकारी चीनी मिल की इकाई बेलरायां एवं संपूर्णानगर को अधिक लाभ प्राप्त हुआ है। वहीं प्रधान प्रबंधकों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी