सरकारी मदद न मिलने और डॉक्टरों की अभद्रता से भड़के लोग
वाहनों में की तोड़फोड़, पुलिस समझाने में हुई नाकाम
विधायक के समझाने पर शांत हुए ग्रामीण, खोला जाम
लखनऊ में भर्ती घायलों के साथ डॉक्टर के अभद्रता करने और भीषण हादसे में मारे गए पांच लोगों को सरकारी इमदाद न मिलने से गांव महाराजनगर के लोग शुक्रवार को भड़क उठे। नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने दंपति के शव पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर रखकर बांस-बल्लियां डाल दीं और जाम लगा दिया और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए। सूचना पर एएसपी, एसडीएम और सीओ सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। मौके पर पहुंचे सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा के समझाने पर लोग शांत हुए और जाम खोला। इससे करीब तीन घंटे हाईवे पर आवागमन ठप रहा।
बुधवार की रात पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर थाना खीरी क्षेत्र में गांव महाराजनगर में ट्रक ने सात लोगों को रौंद दिया था। हादसे में गांव के ही एक परिवार के तीन लोगों समेत पांच की मौत हो गई थी, जबकि घायल दंपति लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार की सुबह महाराजनगर निवासी राकेश ने लखनऊ से फोन कर घर वालों को बताया कि घायल मोतीलाल और उनकी पत्नी गुड्डी के इलाज के लिए डॉक्टर ने रुपये मांगे, रुपये न होने की बात कहने पर डॉक्टर तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और ग्रामीणों में रोष फैल गया। गुस्साए लोगों ने हादसे में मरे राधे और कोकिला का शव पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर रख दिया और बांस-बल्लियां डालकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी परिवार वालों को मुआवजा और अवास तथा घायलों के बेहतर इलाज की मांग कर रहे थे। इससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गईं। कुछ शरारती तत्वों ने बसों और अन्य वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। सूचना पर एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, एसडीएम सदर सैमुअल पाल, सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट, सदर कोतवाल दीपक शुक्ल, एसओ थाना खीरी जावेद अख्तर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के कहने पर शवों को हाईवे से हटा लिया लेकिन मांगें पूरी होने पर ही जाम खोलने की बात कही। इसी बीच सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगदीश चंद्र भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम और सदर विधायक ने घायलों का बेहतर इलाज कराने, आवास और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला। इससे करीब तीन घंटे हाईवे पूरी तरह से बंद रहा।