डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगा
भारत नेपाल बार्डर पर आठ किलो चरस के साथ पकड़े गए आरोपी को एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि 13 सितंबर 2013 को भारत नेपाल बार्डर पर संपूर्णानगर थाना क्षेत्र में एसएसबी आजादनगर पोस्ट के पास पुलिस और एसएसबी टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की थी। इस छापेमारी में संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बनटोल मजरा बसही निवासी मंगरू को साइकिल के रास्ते जंगल से होते हुए भारत में आते समय गिरफ्तार किया गया था। आरोपी मंगरू के पास से सीमेंट की बोरी में आठ किलो नाजायज चरस भी बरामद हुई थी। अदालती सुनवाई के दौरान इंद्रकुमार, रामजीत यादव, एसआई अरविंद कुमार उपाध्याय तत्कालीन एचएम और शिवओम ने गवाही दी थी। जबकि बचाव पक्ष की ओर से आरोपी की पत्नी बिंद्रा देवी पेश हुई उसने अपने पति को निर्दोष बताया था। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी मंगरू को दोषसिद्ध पाते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, कोर्ट ने अपने फैसले में यह व्यवस्था भी दी है कि जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।