फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक और घायल की लखनऊ में मौत

Tue, 22 Mar 2016 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।
विज्ञापन
अाग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मरने वालों की संख्या हुई, एक की हालत अभी भी गंभीर
विज्ञापन

दिन में अहमदी जिंदा जलीं, रात को बेेटे सरफराज की हो गई मौत
पीड़ित किसानों का जला हुआ गन्ना पेराई के लिए लेंगी चीनी मिलें
खैरीगढ़ में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वालों की संख्या चार हो गई है, जबकि एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। सोमवार को तीन महिलाएं जिंदा जल गई थीं। उनमें से एक अहमदी के बेटे ने लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार देर रात दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के मां बेटे की मौत से कोहराम मचा हुआ था। उधर, आग सुलगने के कारण दूसरे दिन मंगलवार को भी दमकल आग बुझाने में लगी रही। 
बता दें कि गांव खैरीगढ़ में सोमवार को लगी भीषण आग में चार सौ से अधिक घर जल गए। इससे करीब सात सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। इस अग्निकांड में प्रेमलता, सरस्वती और अहमदी जिंदा जल गई थीं। अहमदी के 40 वर्षीय बेटे सरफराज के अलावा अशोक मिश्रा और राजकुमारी भी गंभीर रूप से झुलस गए थे। अशोक मिश्रा की हालत ठीक होने पर उन्हें तो सीएचसी से घर भेज दिया गया लेकिन राजकुमारी और सरफराज की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां से दोनों को ट्रामा सेंटर लखनऊ ले जाकर भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान सोमवार देर रात सरफराज की मौत हो गई। राजकुमारी की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। उधर, गांव में अग्निकांड की खबर सुनकर पीड़ितों के रिश्तेदार, गुरुद्वारा समितियां और राजनीतिक दलों के नेताओं ने राहत सामग्री की व्यवस्था कराई। प्रशासन ने भी अहेतुक चेक, जराकीन, लंच पैकेट आदि की व्यवस्था कराई। बेलरायां चीनी मिल उपाध्यक्ष अमन दीप सिंह ने आग से जले गन्ने को चीनी मिल में पेराई कराने की घोषणा करते हुए गन्ना लेने के लिए पर्ची की व्यवस्था कराई। एसडीएम लवकुमार ने बताया कि इस आग में करीब सात सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। जबकि आग में जल कर मर गए मवेशियों की संख्या 40 हो गई है। उधर, आग से तबाह हुए लोगों को आश्वस्त करने के लिए सिंगाही, निघासन, तिकुनियां पुलिस के अलावा, सीओ, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि कैंप किए हुए हैं।
विज्ञापन

यहां तो पेड़ों की छांह भी जल गई...
केके मौर्या 
निघासन। आसमान में तपता हुआ सूरज, जले-अधजले घरों की राख लेकर उड़ती हवा से बचने के लिए इस गांव में पेड़ की छांह भी नहीं थी। बेबस और लाचार निगाहें जलकर ठूंठ बन चुके पेड़ों के नीचे भी छांह की तलाश कर रही थी लेकिन यहां तो पेड़ों की छांह को भी आग लील गई। खैरीगढ़ गांव में सोमवार को आए आग के तूफान के बाद हर तरफ दर्द का मंजर था। आग अभी भी सुलग रही थी और लोग हर धुएं पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश में लगे थे। मासूम बच्चे भूखा पेट लिए हर आने वालों की तरफ हसरत भरी निगाह से देख रहे थे कि खाना आ गया। 
सोमवार की दोपहर आग के कहर के बाद लोग अभी भी दहशत में हैं। लोगों ने रात आंखों में काटते गुजारी। सुबह हुई तो बच्चों से लेकर बूढ़े तक घर की सफाई जुट गए। वीरान हुए गांव में दूसरे दिन भी धुआं उठ रहा था। खुले आसमान में कहीं से चादर तो कहीं से छप्पर की व्यवस्था करके लोग छांव की व्यवस्था कर रहे थे। घरों का सारा सामान खुले में ही रखा था। 
घरों में पड़ी राख, जली हुई थुनिया, थम्हड़ के अलावा जले हुए अनाज के ढेर हर परिवार का सपना टूटने को बयां कर रहे थे। सब कुछ आग की भेंट चढ़ने के बाद लोगों को आस थी कि शायद कुछ बचा हो, ऐसे में बच्चे जले अनाज के ढेर के बीच से भी अधजले दाने बटोरने में लगे थे। छोटे छोटे मासूम तसले में राख भर कर उसे उठाकर फेंकने जा रहे थे। खेलने और शरारत करने की उम्र में उनकी यह बेबसी देखकर हर एक का मन द्रवित हो रहा था। एक किशोरी जले मकान की काली पड़ी दीवार पर सिर टिकाकर सुधबुध खोए बैठी थी। बच्चे तो बच्चे भूख से बूढ़ों का हाल भी बुरा था। 65 वर्षीय मोहर्रम भूख लगने पर मिट्टी की एक छोटी नइया में आलू भून रहे थे। उनके पास खाने के लिए केवल यही बचा था। 
बसपाइयों ने बटवाए लंच पैकेट, साड़ी और सूट
सिंगाही के पूर्व चेयरमैन और बसपा विधानसभा प्रभारी मोहम्मद कयूम, मंडल को-आर्डिनेटर उमाशंकर गौतम, प्रहलाद भार्गव, जिलाध्यक्ष अजय चौधरी के साथ गांव खैरीगढ़ पहुंचे और लोगों को लंच पैकेट दिया। कयूम ने बताया कि लंच पैकेट बांटने का सिलसिला चलता रहेगा। इसके अलावा बसपाइयों ने पांच सौ साड़ी और पांच सौ बच्चों को नए कपड़े भी बांटे। साथ ही पीने के पानी के लिए नगर पंचायत से पानी का टैंक भी भिजवाया। 
गुरुद्वारा समितियां आगे आईं
आग की सूचना मिलने पर तिकुनियां के कौड़ियाला गुरुद्वारे के प्रधान ने सेवादारों के साथ सोमवार रात सभी को भोजन कराया था। इसके अलावा मंगलवार को नौरंगाबाद और अन्य स्थानों से गुरुद्वारा समितियों ने पीड़ित परिवारों के लिए भोजन भिजवाया गया। गुरुद्वारे की तरफ से पीड़ित परिवार के लिए कंबलों की व्यवस्था की गई। 
सपा विधायक नहीं मनाएंगे होली 
सपा विधायक केजी पटेल ने कहा कि खैरीगढ़ की घटना से वह बहुत आहत हैं। इस बार वह होली नहीं मनाएंगे। उन्होंने गांव में पीड़ितों को जराकीन ओर तिरपाल भी बंटवाया। उन्होंने बिजली विभाग के जेई को दो दिनों के अंदर बिजली ठीक कराने के लिए कहा। सपा नेता हिमांशु पटेल भी गांव पहुंचे और लोगों को सांत्वना दी। 
खेत तक पहुंची आग जला गई शादी के सपने
सिंगाही। सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में केवल घर ही नहीं जले बल्कि सारी जमा पूंजी, खेतों में खड़ी फसल और बरी-दहेज तक जल गए। गांव के जगन्नाथ के बेटे की शादी मार्च में और दीपचंद की बेटी की शादी अप्रैल में है। दीपचंद का इकट्ठा किया गया सारा दहेज घर के सारे सामान के साथ शोलों में जलकर राख हो गया। जगन्नाथ ने बताया कि उनके बेटे पवन का ब्याह 28 मार्च को होना था। आग ने घर में बहू के लिए रखे बरी का सारा सामान लील लिया। खाने के एक दाना तक नहीं बचा है। दीपचंद की बेटी अंजली की शादी अप्रैल में है। उन्होंने बिटिया को देने के लिए सारा सामान खरीद लिया था, शादी के कार्ड भी बंट गए लेकिन सारा सामान जल कर राख हो गया। 
मकान के साथ दुकान भी जली रामनरेश की
हालांकि आग से सभी का नुकसान हुआ है लेकिन रामनरेश का तो सब कुछ जल गया। उसके घर में परचून की दुकान थी। साथ ही वह गल्ले आदि के थोक के भी व्यापारी हैं। घर के एक हिस्से में वह गल्ले आदि का स्टाक रखते थे। उनका मकान जला ही, दुकान और गोदाम में रखा सारा सामान भी स्वाहा हो गया। 
सरकारी इमदाद तो ऊंट के मुंह में जीरा 
निघासन। प्रशासन आग से तबाह हुए लोगों को भले ही फौरी तौर पर सरकारी इमदाद दे रहा हो, लेकिन यह पीड़ितों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। फौरी राहत के तौर पर 741 पीड़ित परिवारों में से प्रत्येक को 7900-7900 रुपये का चेक दिया गया है। एसडीएम लवकुमार का कहना है कि सर्वे के लिए 20 लेखपाल और तीन कानूनगो को लगाया गया है। अभी 741 परिवार वालों को चेक दिया गया है। 
राजकुमारी के लिए सपाइयों ने जुटाए पैसे
आग में बुरी तरह से झुलसी राजकुमारी पत्नी विनोद को लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पैसे न होने के कारण उनके परिवार वाले उसे वापस ले आए। सूचना मिलने पर पहुंचे विधायक केजी पटेल, चीनी मिल उपाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य अमन दीप सिंह, अशोक शर्मा, प्रधान तरजिंदर सिंह, बलभद्र गुप्ता, भंडारी, प्रधान पति जलीस आदि ने पैसे इकट्ठा कर उन्हें दिए और इलाज के लिए दुबारा भेजा। विधायक ने उनके इलाज के लिए मुख्यमंत्री कोष से भी पैसा दिलाने का आश्वासन दिया। 
विज्ञापन

बेटे और पत्नी की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
खैरीगढ़ के गुलजार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। सोमवार को अग्निकांड में पत्नी जिंदा जल गईं तो बुरी तरह झुलसे बेटे सरफराज ने लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार देर रात दम तोड़ दिया। सरफराज की सात साल की मासूम बेटी बेसुध होकर घर के बाहर बैठी थी। पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें