- एसएसबी ने पकड़ा था चरस की तस्करी करते
नेपाल से तस्करी कर भारत में चरस ला रही नेपाली महिला तस्कर को एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि भारत नेपाल बार्डर पर 22 अप्रैल 2012 को एसएसबी की बसही पोस्ट पर तैनात एसएसबी के जवानों ने चरस की तस्करी करते हुए नेपाल के कंचनपुर जिले की महिला भीममाया और उसकी पुत्री को गिरफ्तार किया था। इस बाबत एसएसबी के हेड कांस्टेबिल कीर्तन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि बार्डर पिलर संख्या 201 से छह सौ मीटर अंदर नो मैंस लैंड में साइकिल पर सवार होकर दो नेपाली महिलाएं आ रही थी, जब उन्हें रोककर तलाशी ली गई तो नेपाली नमस्ते नेटवर्क के दो सिम मोबाइल, परिचयपत्र और चार किलो 650 ग्राम चरस बरामद हुई थी। अदालत में जांच के दौरान नेपाली महिला भीममाया तमांग के साथ सह आरोपी के तौर पर नामित उसकी पुत्री को नाबालिग घोषित करते हुए उसकी फाइल अलग कर दी गई। अदालती सुनवाई के दौरान कीर्तन सिंह, रंजीत कुमार यादव, शिशुपाल सिंह, एसआई संत कुमार दुबे ने अपनी गवाही दर्ज कराई। अदालत ने अपने फैसले में भीममाया तमांग को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।