दहेज के लिए विवाहिता की हत्या का मामला
दहेज के लिए विवाहिता का उत्पीड़न और बाद में मौत के घाट उतारने के मामले में अपर जिला जज बाबूराम ने हत्यारोपी पति को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही आरोपी पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीपाल जैसवाल ने बताया कि गोला थाना के गांव करनपुर निवासी गिरजाशंकर ने अपनी लड़की बीनू की शादी गोला कस्बे के मुन्नूगंज के रहने वाले महेश के साथ 29 अप्रैल 07 को की थी। जिसमें अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान उपहार दिया था। आरोप है कि इसी बीच पति और ससुरालीजन मोटर साइकिल की मांग करते हुए विवाहिता को परेशान करने लगे। 21 मई 2008 को बीनू ने फोन पर अपने पिता गिरजाशंकर को इस संबंध में जानकारी दी, साथ ही जल्द ही ससुराल आने को कहा, जब पिता गिरजाशंकर 23 मई को पहुंचा तो पता चला कि उनकी लड़की बीनू को ससुराल में जहर दिया गया है उसके बाद नाटक रचते हुए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इलाज के दौरान ही विवाहिता बीनू की मौत हो गई। इस मामले में गिरजाशंकर ने पति महेश, जेठ दयाशंकर और सास बृजरानी को नामजद करते हुए दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तफ्तीश के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने सुनवाई के बाद जेठ दयाशंकर और सास बृजरानी के खिलाफ पर्याप्त सबूत न पाते हुए उन्हे मामले से बरी करने का आदेश दिया है। वही हत्यारोपी पति महेश कुमार को दोषी पाते हुए उसे दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना डाला है।