औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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आरोपी सिपाही ने ड्यूटी भत्ता 150 रुपये मिलने का वायरल किया था वीडियो
भ्रामक वीडियो वायरल करने पर एसपी ने की कार्रवाई
विधानसभा चुनाव में इस बार चुनाव ड्यूटी में 15 सौ रुपये के स्थान पर 150 सौ रुपये ड्यूटी भत्ता मिलने का वीडियो वायरल करने वाले सिपाही अफजल खां को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। वह पुलिस लाइन में तैनात था। एसपी का कहना है कि सिपाही ने झूठा और भ्रामक वीडियो वायरल कर पुलिसकर्मियों को भड़काने का प्रयास किया है।
शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए 83 कंपनी और दो प्लाटून पैरामिलिट्री फोर्स के साथ सीतापुर, बस्ती, बिजनौर सहित कई जिलों के करीब दो हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पिकेट, बैरियर, मोबाइल, मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों पर ड्यूटी करने वाले सेक्टर अफसर को 1500 रुपये एक मुश्त दिया जा रहा है। इंस्पेक्टर और एसआई को मतदान केंद्र पर विशिष्ट ड्यूटी पर 350 रुपये, मुख्य आरक्षी और आरक्षी को 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता देने का आदेश हैं। सिपाहियों को मात्र 150 रुपये लंच भत्ता के रूप में दिया गया है। पुलिस लाइन में तैनात अफजल खां की ड्यूटी हमराही में लगी थी। सिपाही अफजल खां ने बुधवार को 150 रुपये मात्र लंच भत्ते के रूप में देने पर नाराजगी जताते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीआईजी प्रवीण कुमार ने मामले को गंभीरता से लेकर प्रकरण की जांच करने के आदेश एसपी को दिए हैं। उधर, एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि रैंक के मुताबिक मानदेय दिया जाता है। सिपाही अफजल हमराही में लगा था। सिपाहियों को लंच के रूप में 150 रुपये दिए गए थे। शेष मानदेय ड्यूटी में लगे सिपाहियों के सीधे खाते में भेजा जाता है, लेकिन सिपाही अफजल खां ने 15 सौ रुपये मानदेय का भ्रामक और झूठा वीडियो वायरल कर पुलिस को भड़काने का प्रयास किया है। इसलिए उसे निलंबित कर दिया गया है। आरोपी सिपाही 2014 से पुलिस लाइन में तैनात है।