- छह साल से गांव में ही चला रहा था दवाखाना
- मौत के बाद दुकान बंद कर भाग निकला झोलाछाप
तेज बुखार और दर्द से परेशान महिला की एक झोलाछाप के उपचार से मौत हो गई। मौत होने के बाद आरोपी झोलाछाप दवाखाना बंद कर भाग निकला। नाराज मृतका के घरवाले तमाम लोगों के साथ शव लेकर कोतवाली गेट पर जमा हुए और डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
पुलिस के अनुसार मंगलवार की दोपहर करीब ढाई बजे मोहम्मदी के बरवर स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां शंकरपुर छावनी निवासी 40 वर्षीय आशादेवी इलाज कराने पहुंची। वह तेज बुखार और दर्द से पीड़ित थी। झोलाछाप ने चेकअप के बाद उसे इंजेक्शन लगाया और दवा दी। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ गई। थोड़ी देर बाद ही महिला की मौत हो गई। यह देखकर झोलाछाप आननफानन में दवाखाना बंद कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर महिला के परिवार के लोग तमाम ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए और शव लेकर कोतवाली पहुंचे। नाराज लोगों ने शव गेट पर रखकर जाम लगा दिया और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। इंस्पेक्टर सीबी सिंह ने पूूर्व चेयरमैन संदीप मेहरोत्रा को बुलवाकर भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के लोग रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन मिलने के बाद ही शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर मिलने पर आरोपी झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
सीएचसी से दो सौ मीटर पर है दवाखाना
आरोपी झोलाछाप का दवाखाना सीएचसी से महज दो सौ मीटर की दूरी पर है। छह साल से वह बेधड़क मरीजों का इलाज कर रहा है। बताते हैं कि इस दवाखाने पर 20 रुपये में हर मर्ज की दवा मिलती है। तीन माह पूर्व इसी डॉक्टर ने इसी गांव के संतोष की 14 वर्षीय पुत्री की आंखों का इलाज किया था, जिससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था।
मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक