संदिग्धों की सूचना के बाद भी पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
सूचना पर कोतवाल ने कहा था जब कुछ होगा तब देखेेंगे
कई दिन से बदमाश कर रहे थे रेकी, मौका देख लूट लिया
एक बार फिर व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े लूट की घटना को अंजाम देकर बदमाश फरार होने में सफल हो गए और पुलिस ताकती रह गई। यह तो गनीमत रही कि सतर्क हुई शाहजहांपुर पुलिस ने बदमाशों को माल के साथ दबोच लिया। नहीं तो लुटेरे एक बार फिर बड़ी वारदात करने बाद लखीमपुर जिले की पुलिस के हाथ नहीं लगते। हां, गोला पुलिस चाहती तो घटना को अंजाम दिए जाने से पहले बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ चुके होते। वह जब रेकी कर रहे थे तभी सराफ और आसपास के लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी लेकिन तब कोतवाल ने कह कर पल्ला झाड़ लिया था जब कुछ आभास होगा तब देखेंगे।
जिस सराफा दुकान पर कार सवार बदमाशों ने असलहों के बल पर लूट की, वह नगर के व्यस्त मोहम्मदी मार्ग पर स्थित है। सावन माह होने के कारण इस मार्ग पर दिनरात भारी भीड़ रहती है। अगर पुलिस सुरक्षा को लेकर गंभीर होती तो बदमाश कोतवाली से चंद कदम दूर घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। बताते हैं की लूटपाट में शामिल बदमाश कई दिनों से व्यापारी और उसकी दुकान की रैकी कर रहे थे। घटना के समय भीड़ भाड़ नहीं थी। जिसका लाभ बदमाशों ने उठाया और घटना कर बदमाश कार से भाग निकल भागे।
दुकान स्वामी के भाई अभिषेक गुप्ता और आस पास के लोगों की मानें तो करीब एक माह पहले उनके घर और दुकान के बीच गली में तमंचों से लैस बदमाश देखे गए थे। इसकी तहरीर भी कोतवाली में दी गई थी। किंतु पुलिस ने यह कहकर टाल दिया था कि जब कुछ आभास होगा तब देखेंगे। व्यापारियों ने बताया कि लुटेरों की कार काफी समय तक मोहम्मदी मार्ग पर इधरउधर खड़ी देखी गई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बदमाशों ने पहले दुकानदार और दुकान की रेकी की। अभिषेक के बाइक से दुकान पर पहुंचने के बाद बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया।
शुक्रवार को देखी गई थी कार
गोला-लखीमपुर मार्ग पर शुक्रवार को लुटेरों की संदिग्ध कार को नहर के पास देखा गया था। उस समय इस कार की नंबर प्लेट बदली जा रही थी। लूट की घटना के समय कार में यूपी 31आर/3118 की नंबर प्लेट लगी बताई गई है, जबकि शाहजहांपुर पुलिस की जांच में कार का नंबर ट्रैक्टर का निकला है।
नेटवर्क की खराबी का बदमाशों को मिला लाभ
जिस समय ज्वैलर्स की दुकान पर लूट की वारदात हुई उस समय बीएसएनएल का नेटवर्क खराब था। फोन से सूचना न हो पाने के कारण व्यापारियों ने कोतवाली जाकर पुलिस को लूट की सूचना देनी पड़ी। तब पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश में मोहम्मदी मार्ग पर रवाना हुई। तब तक बदमाश पुलिस पकड़ से काफी दूर जा चुके थे। उधर, लूट के बाद अभिषेक ने बाइक से बदमाशों का काफी दूर तक पीछा किया लेकिन कार के न मिलने पर वह वापस लौट आया। दुकान के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों और उनकी गाड़ी के फुटेज आए हैं।
व्यापारियों ने बाजार किया बंद
गोला गोकर्णनाथ। दिन दहाड़े कोतवाली से एक फर्लांग दूर व्यस्ततम मार्ग पर हुई लूट की घटना से कारोबारी गुस्सा गए और उन्होंने बाजार बंद कर दिया। घटना के बाद सराफा कारोबारी की दुकान के सामने व्यापारी कई घंटे तक खड़े रहे। इससे मोहम्मदी मार्ग पर कई घंटे जाम की स्थिति बनी रही। सीओ अनुराग दर्शन और कोतवाल एसएन द्विवेदी ने व्यापारियों को समझाकर वहां से जाने का आग्रह किया किंतु वह टस से मस नहीं हुए। व्यापारियों ने पूरे दिन अपनी दुकानें बंद कर घटना के प्रति विरोध प्रकट किया। विधायक विनय तिवारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों से बात की। नगर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, सराफा कमेटी के अध्यक्ष रामचंद्र रस्तोगी, पूर्व अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, विवेक गुप्ता, कैलाशचंद गुप्ता, बालकृष्ण गुप्ता, गोपालकृष्ण शुक्ला, श्रवण माहेश्वरी, जितेंद्र गट्टानी, पंकज हालन, अशोक कनौजिया, व्यापार मंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष राजेश गुप्ता, राजेश आनंद मिन्नी आदि भी पहुंचे और घटना पर नाराजगी जताई।
आखिरी वक्त तक पुलिस को नहीं पता था कार में लुटेरे हैं
मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। गोला से घटना को अंजाम देने के बाद भागे बदमाशों की शायद किस्मत ही खराब थी कि उन्होंने बरेली मोड़ के पास नेशनल हाईवे किनारे ही कार की नंबर प्लेट और अपने कपड़े बदल कांवड़ियों की ड्रेस पहनने की गलती कर डाली। यही गलती उनकी मुसीबत का सबब बन गई।
गोला में सराफ से लूट के बाद बदमाशों ने शाहजहांपुर शहर क्रास करने के बाद बरेली मोड़ से आगे नेशनल हाईवे के किनारे कार खड़ी कर दी। वहीं चारों बदमाशों ने अपने कपड़े बदले और कांवड़ ड्रेस पहन ली। फिर अपनी हांडा सिटी कार की नंबर प्लेट भी बदल ली। बदमाशों को इस बात का कतई एहसास नहीं था कि कोई उनकी इस हरकत को देख रहा है। कार सवारों की इस हरकत की सूचना किसी राहगीर ने एसओ नरेंद्र यादव को दी। इस वक्त तक शायद कटरा पुलिस को गोला लूटकांड की जानकारी नहीं थी। पुलिस को तो कार सवारों की गतिविधियां संदिग्ध बताई र्गइं थीं लेकिन मामले को एसओ ने गंभीरता से लिया और कस्बे के मुख्य चौराहे पर बैरियर लगवाकर चेकिंग शुरू करा दी। जब बताई गई कार आती दिखाई दी तो पुलिस के इशारे के बाद कार रोकने बजाय कार चालक बैरियर तोड़कर भागने लगा। इस पर पुलिस ने कार सवार बदमाशों का पीछा किया। हुलास नगरा रेलवे क्रासिंग के पास जाम देखकर बदमाश कार छोड़कर भाग खड़े हुए लेकिन जेवर से भरा थैला नहीं छोड़ा। एक बदमाश थैला पीठ पर लटकाए भागता रहा। बाद में पुलिस ने बैग वाले बदमाश को दबोच लिया। इस बदमाश के पकड़े जाने तक पुलिस के दिमाग में इतनी बड़ी लूट की कोई कहानी नहीं थी। तमाम लोगों के सामने पुलिस ने जब पकड़े गए बदमाश से माल के बारे में पूछा तो वह बैग में स्मैक होने की बात कहकर गुमराह करता रहा। पुलिस बदमाशों को स्मैक तस्कर मान रही थी लेकिन जब बाकी के तीनों बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़े तो उनसे लूट की कहानी खुली।
थाने पर बदमाशों को देखने उमड़ी भीड़
मीरानपुर कटरा। गोला के सराफा व्यापारी लूटकांड के आरोपी चारों बदमाशों को पकड़ने में पुलिस ने तो दिलेरी दिखाई ही साथ में गांव हुलास नगरा के ग्रामीणों का भरपूर सहयोग रहा। खेतों की ओर भागने के दौरान एक बदमाश पुलिस पर लगातार फायरिंग करता रहा। इस पर ग्रामीण पुलिस के साथ बदमाश के पीछे लग गए। एक बदमाश गांव की सड़क से होकर रेलवे लाइन की तरफ भागा तब ग्रामीणों की भीड़ पुलिस के साथ बदमाशों की घेराबंदी करने के लिए दौड़ पड़ी। भागते-भागते थक चुके बदमाशों को पुलिस ने गांव वालों के सहयोग से धर दबोचा। बदमाशों को देखने के लिए थाने पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जब पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए उनके पीछे लगी तब कस्बे में उनके आतंकवादी होने की अफवाह उड़ रही थी। इसी के चलते थाने पर काफी आ गई।
कटरा पुलिस ने काफी अच्छा का काम किया। पुलिस टीम बधाई की पात्र है। मैंने उन्हें पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की गई थी। जिसे आई जोन ने 15 हजार और डीजीपी ने बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है।
- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर