मुठभेड़ का दावा, फायरिंग की आवाज पर पहुंचे ग्रामीण
भीरा जंगल के छैरासी बीट से काटे गए थे छह सागौन के पेड़
वन विभाग ने रविवार की रात मुठभेड़ के बाद थाना भीरा के तहत भीरा रेंज की छैरासी बीट से छह सागौन के पेड़ काटकर ले जा रही डीसीएम को मलूकापुर के पास दबोच लिया। टीम ने डीसीएम को कब्जे में लेकर चालक, हेल्पर समेत चार लोगों को पकड़ लिया, जबकि दो लोग फरार हो गए। दोनों तरफ से हुई फायरिंग की आवाज से आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
रविवार रात भीरा रेंज के छैरासी बीट के कंपार्टमेंट नंबर सात से चोरी से पेड़ काटे जाने की सूचना पर भीरा रेंजर आरबी वर्मा, दरोगा अंकित एवं फारेस्ट गार्ड ब्रजेश टीम के साथ मौके पर पहुंची। तक तब वहां से एक वाहन चले जाने के निशान मिले, वन टीम ने निशानों के आधार पर पीछा किया तो सुबह करीब साढ़े चार बजे मलूकापुर गांव के पास एक डीसीएम पर लकड़ी जाते देखी। टीम ने रोकने की कोशिश की। बताते हैं कि आरोपियों ने फायर कर दिए। वन टीम ने भी करीब चार-पांच राउंड फायर किए। अचानक फायर की आवाज सुनकर गांव के लोग भी रोड की ओर भाग खड़े हुए। टीम ने अपनी गाड़ी डीसीएम के आगे लगाकर रोक दी, इसके बाद दो लोग उतर भाग गए। टीम के हत्थे चढ़े लोगों में डीसीएम चालक आशीष कुमार, हेल्पर रोहित मिश्रा निवासी कनकारी थाना तंबौर के अलावा लकड़ी काटने वाले मजदूर नेकपाल, रेहान, दिनेश एवं सूरज निवासी फूलबेहड़ शामिल हैं। आरोपियों ने वन विभाग की टीम को बताया कि उन्हें गंगाबेहड़ निवासी मुसाफिर आम की लकड़ी काटने के लिए लाए थे। उधर डीसीएम ड्राइवर आशीष के मुताबिक वह लखनऊ से बहराइच एक मशीन छोड़ने गया था। लखीमपुर वापसी पर शिवा रोड लाइंस से किसी राजा नाम के शख्स ने महेवागंज से लखनऊ घरेलू सामान ले जाने को गाड़ी बुक कराई थी। अगर ड्राइवर की बातों पर यकीन करें तो रात करीब आठ बजे उसकी गाड़ी महेवागंज की मस्जिद के पास खड़ी राजा का इंतजार कर रही थी, तभी दो लोग आए उसे मारपीट कर उसे तमंचा लगाकर कब्जे में कर लिया और गाड़ी खुद चलाकर जंगल तक लाए। यहां पर लकड़ी पहले से कटी पड़ी थी, जिसे इन लोगों ने लोड कर दिया। उधर फूलबेहड़ के पकड़े गए मजदूरों की मानें तो उन्हें मुसाफिर तय करके लाया था, महेवागंज से उन लोगों को बोलेरो से लाया गया। जंगल में जब उन लोगों ने पेड़ काटने से मना किया तो करीब दस से ज्यादा लोगों ने पिटाई की।
पहले भी हुआ था कटान
सिंतबर माह में गोला एवं भीरा रेंज में तीन दिन के अंतर पर वन तस्करों ने सागौन के पेड़ काटे थे, लेकिन भीरा रेंज में कटे पेड़ किसी वजह से ले जाए नहीं जा सके थे। गोला रेंज के रायपुर बीट में पेड़ काटने के बाद वन तस्करों की गाड़ी फंस गई थी। इसके चलते वन तस्करों एवं टीम में फायरिंग भी हुई थी। रविवार की रात सजग हुई टीम ने जंगल से करीब तीस किमी दूर लकड़ी पकड़ तो ली, लेकिन एक साथ जंगल से पेड़ कट गए, किसी को इस दौरान पता नहीं चला।