पांच दिनों से कोतवाली के चक्कर काट रही युवती
शहर की एक युवती ने सीतापुर जिले के पांच युवकों पर सामूहिक दुराचार करने और अश्लील वीडियो क्लिप बनाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि छह नवंबर को उसे कार सवार युवक नशीला पेयजल पिलाकर अगवा कर ले गए। एसपी के आदेश के बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। महिला आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सदर कोतवाली के चक्कर लगा रही है।
21 वर्षीय युवती ने एसपी दफ्तर में शिकायती पत्र दिया है, जिसमें कहा है कि वह छह नवंबर को वह भुइफोरवानाथ मंदिर दर्शन कर लौट रही थी। मंदिर के पास कार के पास खड़े एक युवक ने उसे प्लास्टिक की कटोरी का पानी चरणामृत कहकर दिया, जिसे पीने के बाद वह बेसुध हो गई। इस पर आरोपियों ने उसे कार में डाल लिया। जब उसे होश आया तो वह सीतापुर के एक गांव में कमरे के अंदर थी। जहां पांच युवक थे, जो बारी-बारी से एक-दूसरे का नाम ले रहे थे। पांचों लोग उसके साथ रोज दुराचार करते थे। इस दौरान आरोपियों ने उसकी अश्लील वीडियो क्लीपिंग भी बना ली। किसी को जानकारी देने पर क्लीपिंग वायरल करने की धमकी दी। इधर परिवार के लोग भी उसकी तलाश करते रहे। उसने कई दिन बाद किसी तरह से अपनी बहन को मोबाइल पर कॉल कर मामले की जानकारी दी, जिस पर उसकी बहन एसपी मनोज कुमार झा से मिली और पूरी कहानी बताई। एसपी के आदेश पर 17 दिसंबर को महिला एसओ कमर सुल्ताना सीतापुर पहुंची और उसे आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया और वापस लाईं। जिस पर उसने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
सदर कोतवाल दीपक शुक्ल का कहना है कि युवती को उसकी मौसी ने सीतापुर भेजा था। महिला एसओ उसे लेकर आई हैं। युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच में पुष्टि नहीं हुई है, मामले की जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।