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पुरानी रंजिश में धारदार हथियार से की गई थी अरमान की हत्या

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फरधान। सोमवार को लापता किशोर अरमान की हत्या के बाद शव मिलने के मामले में पुलिस ने घटना का खुलासा कर हत्या के पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि, अरमान के घर पर तोड़फोड़ के आरोपी दोनों सिपाहियों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है। खबर है कि आरोपी पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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फरधान थाना क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी अरमान का शव पीलीभीत बस्ती हाईवे के किनारे 23 अगस्त की सुबह गन्ने के खेत में मिला था। अरमान 19 अगस्त से लापता था, जिसके गायब होने की सूचना परिजन ने 20 अगस्त को थाना फरधान में दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी में रिपोर्ट दर्ज की थी। लापता होने के चार दिन बाद सोमवार सुबह अरमान का क्षत विक्षत शव मिलने पर परिजन ने पांच लोगों को नामजद करते हुए हत्या की तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने दर्ज मुकदमे को हत्या में तरमीम करते हुए एक महिला समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अरमान की मौत धारदार हथियार से होने की पुष्टि हुई, जिस पर पुलिस ने नामजद आरोपियों लालपुर निवासी कुसुमा देवी, विजय वर्मा उर्फ कल्लू, बबलू वर्मा उर्फ राहुल उर्फ टांडिया, बालकराम और रामगनेश को सोमवार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक बगौड़ी व एक चाकू विजय उर्फ कल्लू के घर से बरामद होने की बात कही है। प्रभारी निरीक्षक विमल गौतम ने बताया कि पांचों हत्यारोपियों का चालान भेज दिया गया हैं। कोई दूसरी अप्रिय घटना न हो इसके लिए मृतक के घर पर पुलिस भी उसी दिन से तैनात की गई हैं। हत्या की वजह प्रथम दृष्टया पुरानी रंजिश का होना पाया गया हैं।
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परिजन सिपाहियों पर कार्रवाई से संतुष्ट नहीं
मृतक अरमान के परिजन ने फरधान थाने के दो सिपाहियों अंगद यादव और विमल रावत पर रविवार की शाम को घर पर पहुंचकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया था। जिसके चलते दोनो सिपाहियों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया हैं। परिजन को कहना है दोनो सिपाहियों को निलंबित करना चाहिए था। पुलिस के आला अधिकारी सिपाहियों का पक्ष ले रहे हैं। संवाद
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