इटारा प्राथमिक स्कूल में खुला पड़ा शौचालय का टैंक-संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले के परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की सुविधाओं का अभाव है। कई स्कूलों में आज भी बच्चे दरी बिछाकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं। स्कूलों में पीने के पानी से लेकर खेल मैदान तक नहीं है।
बुधवार को की गई पड़ताल में कई विद्यालयों की स्थिति बदहाल मिली। शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद के प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में पढ़ाई होती हुई मिली। यहां का भवन जर्जर था, टूटा फर्श दावों की पोल खोल रहा था। स्कूल में बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों में नजर आए।
स्कूल शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डीबीटी के रुपये तो अभिभावकों के खातों में गए, लेकिन उन्होंने बच्चों को ड्रेस आदि खरीदकर नहीं दी। सदर विद्यालय में भी तमाम अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। गंदा शौचालय टूटे झूले यहां की पहचान बन गई है। इस स्कूल को तत्कालीन डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने गोद लिया था, इसके बाद सीआरएस फंड से स्कूल का कायाकल्प किया गया था।
सूखी टोटियां बनीं स्कूल की पहचानः बरबर। संविलयन विद्यालय काशीपुर का शौचालय गंदा पाया गया है। यहां पर बच्चों के पीने के लिए पानी की टंकियां तो हैं, लेकिन वह भी सूखी हैं। बताया जाता है कि शौचालय में पानी न होने के कारण सफाई नहीं हो पा रही है। प्रधानाध्यापक अर्चना सैनी अवकाश पर पाई गईं। विद्यालय में मौजूद सहायक अध्यापक अमर कुमार सिंह ने बताया कि पुताई का कार्य चल रहा है।
इटारा प्राथमिक स्कूल में खुला पड़ा शौचालय का टैंक-संवाद
इटारा प्राथमिक स्कूल में खुला पड़ा शौचालय का टैंक-संवाद
इटारा प्राथमिक स्कूल में खुला पड़ा शौचालय का टैंक-संवाद