लखीमपुर खीरी। दिल्ली समेत दूसरे राज्यों और जिलों में फंसे अनेक मजदूर घर लौट आए हैं तो अन्य जिलों को लौट रहे मजदूरों के जत्थे भी यहां से निकल रहे हैं, जिन्हें भोजन कराया गया, जबकि लखीमपुर लौटने वालों की डॉक्टरी जांच की गई।
लखीमपुर खीरी लौटे मजदूरों के लिए मेडिकल परीक्षण कराने के लिए अजमानी इंटरनेशनल स्कूल के सामने मेडिकल शिविर लगाया, जहां पर एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह की अगुआई में डॉक्टरों की टीम ने मजदूरों की जांच की। एसडीएम ने कहा कि लखीमपुर लौटने वाले लोगों को गांवों में बनाए जा रहे क्वारंटीन सेंटरों पर रखा जाएगा। इसके लिए इनके नाम-पते भी दर्ज किए गए और उन्हें कोरोना से बचाव के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस दौरान लोगों को लंच पैकेट भी दिए गए।
गोला में कोरोना के चलते रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 115 बाहर से आए लोगों ने अपना परीक्षण कराया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि किसी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। फिर भी उन्हें कम से कम 14 दिनों तक घर में ही क्वारंटीन के लिए की सलाह दी गई है। अन्य स्थानों से बसों से आए लोगों की लखीमपुर से आए डॉक्टरों की टीम ने नानक चौकी के निकट बस से उतारकर स्क्रीनिंग की। फिलहाल किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
बांकेगंज ब्लॉक मुख्यालय की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 के प्रधान वीरेंद्र कुमार भार्गव ने बताया कि पसियापुर और गुलाब नगर गांव में आगरा और दिल्ली से लौटे 21 दिहाड़ी मजदूरों को चिह्नित कर गांव के प्राथमिक स्कूलों में बनाए गए क्वारंटीन केंद्रों में 14 दिनों के लिए ठहराया गया है।
संपूर्णानगर के रानीनगर कालोनी में ग्राम प्रधान अनीता देवी व भाजपा नेता प्रदीप कुमार ने गांव के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मास्क, साबुन का वितरण किया। जबकि गांव के सामुदायिक भवन में कोरोना से लड़ने के लिए क्वारंटीन वार्ड की स्थापना की गई। जिसमें चिकित्सा संबंधित सभी सामग्री उपलब्ध है इसमें ग्रामीणों का नि:शुल्क इलाज होगा।
ममरी में दिल्ली से घर लौटे हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव सरकारगढ़ निवासी 10 मजदूरों को मेडिकल परीक्षण के बाद प्राथमिक स्कूल में ठहराया गया। प्रधानपति रियाजुल्ला खां ने बताया कि मजदूरों के वापस आने की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है।
संसारपुर के ग्राम पंचायत असौवा में मजदूरी करने बिहार से आए नौ मजदूर लॉकडाउन के चलते फंस गए, जिन्हें प्राथमिक विद्यालय असौवा में ठहराया गया। बिहार के औरंगाबाद, नालंदा और जहानाबाद जिले से आए मजदूर यहां लॉकडाउन से पहले असौवा से अमखेरवा तक सड़क का निर्माण कर रहे थे। मजदूर जोगेंद्र ने बताया कि उनके साथ छह पुरुषों समेत दो महिलाएं, दो बच्चे हैं। मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्था ग्राम प्रधान निशा देवी और उनके पति पवन कुमार ने की।
कुकरा। बांकेगंज ब्लॉक के ग्राम लैलूननगर, लॉडलीपुर, सिकंदरपुर के 13 मजदूर, हरियाणा, केरल, पश्चिम बंगाल, बिहार में मजदूरी करने गए थे जो वापस आ गए हैं। जिन्हें 14 दिनों तक घर में ही रहने की हिदायत दी गई है।