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रैन बसेरे का हाल: कोई मिला खाली तो कहीं सोता मिला पिल्ला

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लखीमुपर खीरी। दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य प्रदेश एवं जिलों से पलायन कर लौट रहे लोगों के रुकने के लिए जिला प्रशासन ने रोडवेज बस अड्डा सहित रेलवे स्टेशन के सामने के बाथम वैश्य धर्मशाला में रैन बसेरे बनवाए हैं। जहां पर मुसाफिरों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, लेकिन रविवार को अमर उजाला टीम के निरीक्षण में रोडवेज बस अड्डे के रैन बसेरे में कुत्ता सोता मिला तो वहीं बाथम वैश्य धर्मशाला में रुके छह लोगों को स्वास्थ्य टीम ने घर भेज दिया। दिल्ली से लौटे सुनील कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य टीम ने सर्दी जुकाम बुखार के बारे में पूछा था। इसकी शिकायत न मिलने पर घर जाने की सलाह दी, इसलिए घर चले आए। हां, टीम सदस्यों ने घर पर सावधानी पूर्वक रहने के साथ सर्दी, जुकाम, बुखार होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल जाने को कहा था।
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पुरुष रैन बसेरे में सो रहा पिल्ला
रोडवेज बस अड्डे पर महिला और पुरुष यात्रियों को रोकने के लिए अलग-अलग रैन बसेरे बनाए गए हैं। वहां पर चाक चौबंद व्यवस्था के लिए एक कर्मचारी को भी तैनात किया गया है। जिसके गायब रहने से रैन बसेरे को पिल्ले सो रहे हैं।
धर्मशाला में रुके लोगों को भेज दिया घर
गाजियाबाद और दिल्ली से पलायन कर आए धौरहरा के छह और प्यारेपुर के दो लोग रविवार सुबह धर्मशाला पहुंचे। राजस्व निरीक्षक अंकित अवस्थी ने इसकी सूचना स्वास्थ्य महकमे को दी। टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी को घर भेज दिया।
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