लखीमपुर खीरी। राज्य सरकार के तमाम दिशा-निर्देश कलक्ट्रेट में तैनात अधिकारियों के लिए कोई मायने नहीं रखते। समय से कार्यालय पहुंचने व सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में जनसमस्याओं को सुनने के संदर्भ में तो यह तथ्य सटीक ही बैठता है।
दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार सुबह विभिन्न कार्यालयों की पड़ताल की गई तो वहां डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, सहायक आयुक्त खाद्य, औषधि निरीक्षक को छोड़कर कोई भी अफसर समय पर नहीं पहुंचा। डीएम सुबह 10:08 बजे कार्यालय पहुंच गईं, लेकिन अन्य अफसरों के आने का सिलसिला साढ़े 10 बजे के बाद शुरू हुआ। हालांकि, जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सुबह 10:13 बजे कार्यालय पहुंचे। इधर, अफसरों के देरी से पहुंचने पर फरियादी उनके कार्यालय के बाहर इंतजार करते नजर आए। डिप्टी आरएमओ कार्यालय में तो सुबह 10 बजे तक झाड़ू ही लग रही थी।
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आबकारी विभाग : 10:28 बजे तक खाली थी कुर्सी
जिला आबकारी अधिकारी राजवीर सिंह की कुर्सी 10:28 बजे तक खाली थी। स्टाफ ने बताया कि साहब आते ही होंगे। इधर, विभागीय सूत्रों ने बताया कि आबकारी अधिकारी 10:30 से 11 बजे तक ही आते हैं। आबकारी विभाग का अन्य स्टाफ भी नदारद रहा।
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जिला प्रोबेशन कार्यालय : 10:30 बजे फरियादी खड़े मिले
जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव की कुर्सी 10:30 बजे तक खाली थी। उनके इंतजार में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आई कई निराश्रित महिलाएं कार्यालय के आसपास खड़ी मिलीं। यहां कर्मचारियों ने बताया कि साहब आते ही होंगे। हालांकि, प्रोबेशन अधिकारी रोजाना साढ़े 10 या 11 बजे तक ही आते हैं।
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पूर्ति विभाग ग्रामीण का कार्यालय 10:15 बजे तक था बंद
कलक्ट्रेट परिसर में स्थित पूर्ति विभाग ग्रामीण का कार्यालय 10:15 बजे तक बंद मिला। कार्यालय के बाहर कई फरियादी खड़े मिले। कोई यूनिट बढ़वाने तो कोई नया राशन कार्ड बनवाने तो कोई कार्ड कट जाने की शिकायत लेकर पहुंचा था। पूर्ति निरीक्षक सोभित शुक्ला ने बताया कि वे विभागीय काम से मुख्य कार्यालय गए थे।
10:27 बजे स्टाफ ने कहा-साहब आए नहीं हैं
बाटमाप अधिकारी जगदीश प्रसाद की कुर्सी 10:27 बजे तक खाली रही। स्टाफ ने बताया कि साहब अभी आए नहीं हैं। कब आएंगे, कुछ पता भी नहीं है। हालांकि, बाटमाप अधिकारी बहुत कम ही अपने कार्यालय में बैठते हैं। शायद ही कभी वह सुबह 10 से 12 बजे तक बैठे हों।
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सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर 10:30 बजे इंतजार कर रहे थे लोग
सहायक श्रम आयुक्त मयंक सिंह की कुर्सी 10:31 बजे तक खाली मिली, जबकि सहायक श्रम आयुक्त का इंतजार कई लोग कर रहे थे। हालांकि, कार्यालय में श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रियंका वर्मा मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि साहब आते ही होंगे। रोजाना वे समय पर आ जाते हैं।
डिप्टी आरएमओ कार्यालय में 10:17 पर होती मिली सफाई
सबसे ज्यादा बुरा हाल डिप्टी आरएमओ कार्यालय में देखने को मिला। यहां जनसुनवाई के दौरान साफ-सफाई का काम हो रहा था। सुबह 10:17 बजे तक डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय व क्षेत्रीय विपरण अधिकारी डॉ. आरडी प्रसाद कार्यालय नहीं पहुंचे थे। स्टाफ ने बताया कि साहब आते ही होंगे।
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डेढ़ साल से लगा रहे चक्कर
चाची फूलमती की पेंशन कट चुकी है। करीब डेढ़ साल हो गए, लेकिन अभी तक पेंशन शुरू नहीं हो सकी। ई-केवाईसी भी करा चुका हूंं। साहब से मिलने आया हूं।
-रमेश कुमार, मदारीपुरवा
पांच बार आ चुकी हूं कार्यालय
पति गयाप्रसाद की मौत हो गई है। राशनकार्ड अपने नाम कराने के लिए काफी समय से दौड़ रही हूं। पांच बार कार्यालय आ चुकी हूं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। कमजोरी के चलते चलने में दिक्कत होती है। -रामदुलारी, बरखेरवा
यहां तो कार्यालय ही बंद है
जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय गया था तो वहां बताया कि ग्रामीण वाले कार्यालय जाओ। पूछते-पूछते यहां तक आया तो कार्यालय बंद है। कब खुलेगा पता नहीं। राशन कार्ड से संबंधित समस्या है।
-दयाराम, अग्घरा सुंदरवल
शासन के निर्देशानुसार जनसुनवाई के लिए सभी अधिकारियों को समय से कार्यालय पहुंचना अनिवार्य है, जो अधिकारी समय से उपस्थित नहीं हो रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दुर्गा शक्ति नागपाल, जिलाधिकारी
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार
रमेश कुमार