लखीमपुर खीरी। सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को पूरे दिन धुंध का असर रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप की झलक दिखी, जो ठंड से राहत नहीं दे पाई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को भी घने कोहरे और शीत दिवस (कोल्ड डे) के आसार के चलते ऑरेंट अलर्ट जारी किया है। सर्द हवा ने गलन और बढ़ा दी है।
पछुआ हवाओं के चलते तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस रहा।
जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें। घने कोहरे में यात्रा टालना सबसे सुरक्षित है। अगर निकलना जरूरी है तो मौसम की जानकारी लें, ताकि कोहरे में दृश्यता का संज्ञान रहे। अपने वाहन की रफ्तार धीमी रखें। किसी भी दशा में जल्दी जाने के चक्कर में तेज वाहन न चलाएं। ओवरटेक और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। सही लाइट का प्रयोग करें।
लो-बीम हेडलाइट व फॉग लैंप जलाएं। आगे वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। लेन व संकेतों पर ध्यान दें। रोड मार्किंग व कैट-आई को जरूर देखें। रुकना पड़े तो सुरक्षित जगह को चुनें। सड़क के बीच न रुकें। हैजर्ड लाइट ऑन रखें। पैदल/दोपहिया वाहन चालक रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनें। बाइक चलाते वक्त हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें। जिला आपदा विशेषज्ञ अंकित कुमार राज ने बताया कि कोहरे में हादसों से बचने के लिए इन बातों को विशेष रूप से ध्यान रखें। लापरवाही भारी पड़ सकती है।
तारीख अधिकतम न्यूनतम
24 दिसंबर :: 18 9.6
25 दिसंबर :: 18.5 9.2
26 दिसंबर :: 17 9.2
27 दिसंबर :: 18 8
28 दिसंबर :: 17.4 8
29 दिसंबर :: 18 8
30 दिसंबर :: 17 8
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में
इन फसलों को हो सकता है नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल ने बताया कि यह मौसम सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदायक है। कोहरे और पाले की वजह से आलू, मटर, टमाटर, मिर्च में झुलसा रोग लगने की प्रबल आशंका होती है। इसलिए मटर में सल्फर के स्प्रे के साथ अन्य सब्जियों में दवाओं का छिड़काव जरूर कराएं, ताकि फसल को नुकसान न हो। बढ़ते कोहरे और पाले से सब्जियों को भले ही नुकसान हो रहा हो। हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि गेहूं और मसूर की फसल को इस माैसम में फायदा पहुंचेगा।
भीषण ठंड में रखें सेहत का ध्यान
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शिखर वाजपेयी ने बताया कि बढ़ती ठंड में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को बीमार कर सकती है। इसलिए इस मौसम में अधिक से अधिक गर्म कपड़े पहनें। कान व सिर को ढककर रखें, ताकि ठंडी हवा शरीर में न जाए। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। खासकर बच्चे व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें, उन्हें रोजाना न नहलाएं।
ठंड और गलन से बचने के लिए शहर की मेन रोड पर अलाव जलाकर तापते लोग। संवाद