लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में सर्जन के कक्ष में मरीजों को दवा लिखते हुए एक बाहरी युवक के पकड़े जाने पर व्यवस्था में लापरवाही को लेकर सीडीओ अभिषेक कुमार ने सीएमएस डॉ. आरके कोली और सर्जन डॉ. शिवनाथ मौर्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा है। शासन से दोनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने सोमवार को जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने सीएमएस कक्ष के कुछ दूरी पर सर्जन डॉक्टर शिवनाथ मौर्या के कमरे में संदीप मौर्य नाम का युवक मरीजों को बाहर की दवा खिलते हुए पकड़ा।
जबकि संदीप जिला अस्पताल में न तो डॉक्टर है न ही कोई कर्मचारी। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद संदीप के खिलाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था, जिससे पूछताछ चल रही है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि आरोपी युवक और सर्जन डॉक्टर की खास पहचान है। डॉक्टर के संरक्षण में ही वह लंबे समय से मरीजों के साथ फर्जीवाड़ा करता आ रहा है। हालांकि संबंधित डॉक्टर ने आरोपी युवक को पहचानने से ही इन्कार किया है, लेकिन उनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि आरोपी युवक की कारगुजारी की जानकारी अस्पताल के जिम्मेदारों को थी, लेकिन कमीशन के खेल में सब के सब आंखें बंद किए बैठे रहे।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के सीएमएस और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा है। इस तरह की लापरवाही और फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।